Posted in संस्कृत साहित्य

वेदों के अनुसार, “ब्रह्मा के मस्तिस्क से ब्राह्मण निकले ,भुजाओं से क्षत्रिय,कमर से वैश्य और पैरों से शुद्र”


।।जय श्री राम।।
वेदों के अनुसार,
“ब्रह्मा के मस्तिस्क से ब्राह्मण
निकले ,भुजाओं से क्षत्रिय,कमर से
वैश्य
और पैरों से शुद्र”
अतः वेदों में शुद्रो को निचा बताकर
उनका घोर अपमान
किया गया है,उनकी तुलना पैरों से
की गयी है
तो फिर एक बात बताइये
हिंदुत्व में , किसी का आशीर्वाद लेने
केलिए
उसके पैरों को ही छूने का नियम
क्यों है?
चाहे व्यक्ति ब्राह्मण ही क्यों न
हो,उसको भी आशीर्वाद हेतु
पैरों को ही छूना पड़ता है
यदि शुद्र वर्ण
को निचा दिखाया गया है
हिंदुत्व में और ब्राह्मण या अन्य
को उंचा
तो फिर आशीष लेने केलिए किसी के
पैरों के
बजाय उसका “मस्तिस्क” छूने
का प्रावधान होना चाहिए था न?
हर व्यक्ति अपने आप में
ब्राह्मण,वैश्य,
क्षत्रिय और शुद्र चारो ही होता है
बिना पैर के आप अपंग हो जाएंगे
बिना हाथ के अपाहिज
बिना कमर के आप जी नहीं सकते
और बिना मस्तिस्क के तो जीवन
ही नहीं हो सकता
हर वर्ण का अपना महत्व है.बराबर
महत्व है
वर्ण को जाती के रूप में न देखे
सनातन धर्म को बदनाम न करे
मेरे सनातन धर्म में ऐसा कुछ
भी नहीं है
जो वैज्ञानिक न हो या जिसका महत्व
न हो
पर फिर भी कुछ मंदबुद्धि बकलोल
कुछ न
कुछ गलती खोजने के चक्कर में
पूरा वेद,गीता पढ़ जाते हैं ।

Posted in रामायण - Ramayan

रावण सीता को समझा समझा कर हार गया था पर सीता ने रावण की तरफ एक बार देखा तक नहीं,


रावण सीता को समझा समझा कर
हार
गया था पर
सीता ने रावण की तरफ
एक बार देखा तक नहीं, तब
मंदोदरी ने
उपाय बताया कि तुम राम बन के
सीता के
पास जाओ वो तुम्हे जरूर देखेगी।
रावण ने कहा – मैं ऐसा कई बार कर
चुका हू
मंदोदरी – तब क्या सीता ने
आपकी ओर देखा
रावण – “मैं खुद सीता को नहीं देख
सका…क्योंकि मैं जब-जब राम बनता हूँ
मुझे
परायी नारी
अपनी माता और
अपनी पुत्री सी दिखती है
—-।”
अपने अंदर राम को ढूंढे,
और उनके चरित्र पर चलिए ।

आपसे भूलकर भी
भूल नहीं होगी ।।

Posted in भारत का गुप्त इतिहास- Bharat Ka rahasyamay Itihaas, भारतीय मंदिर - Bharatiya Mandir

पश्चिम भारत का महत्व का तिर्थ और चारघाम


पश्चिम भारत का महत्व का तिर्थ और चारघाम का एक धाम तथा मोक्षपूरी मनाते द्वारका यात्रधाम के जग प्रसिध्ध जगतमंदिर पर पाकिस्तान ने बम से हमला किया था । फिर भी मंदिर का एक कंकड भी नही उखडा । उस दिन के ५० वें वर्ष का विजय उत्सव दिन शनिवार को है । (शायद निकल गया पिछले शनिवार को)

उस दिन पाकिस्तान रेडियो ने समाचार दे दिए थे की हमने द्वारका का नाश कर दिया है क्यों कि १५६ बम फैंके गए थे और गीन कर फैंके थे । लेकिन जब गीनती की तब दरिया में ओट थी और बम्बार्डिन्ग किया तो दरिया में भरती आ गई थी । इस लिए कोइ रहस्यमय कारण से पाकिस्तान की गीनती गलत साबित हो गई और उसे द्वारकाधिश में आस्था रखनेवाले कुदरती चमत्कार ही मनते हैं ।

आजादी के समय भारत के दो हिस्सी बने और पाकिस्तान अलग हुआ । उस समय से ही पाकिस्तान की तरफ से बदमाश बच्चे की तरह कुछ ना कुछ चबकला होता रहता है और दो बार कायदेसर युध्ध भी हुआ । १९६५ के युध्ध के समय पाकिस्तान ने भारतियों के इस आस्थाकेन्द्र के विनाश की योजना बनाई थी । द्वारकाधिश के जगतमंदिर को बम से उडाने का कारस्तान किया था वो दिन था भादों सुद १२वीं और साल था १९६५ । पाकिस्तानी नैकादल के जहाज ने दरिया में से मंदिर को टारगेट किया था और रात को १५६ बम द्वारका पर फैंके थे । ज्यादातर बम ऐसे ही डिफ्युज हो गए । कई बम दरिया में पडे मात्र एक बम से मंदिर के ध्वजदंड को सामान्य नूकसान हुआ । लेकिन मानो द्वारका को जगतमंदिरने बांहें फैलाकर रक्षण किया हो ऐसे आबाद बच गया….
परंतु पाकिस्तानियों ने माना कि इतने बम फैंके हैं तो विनाश हो गया है इसलिए उस रात को ही पाकिस्तानी रेडियो ने प्रसारण किया कि पाकिस्तानी नौकादलने भारत के अति महत्व के तिर्थक्षेत्र द्वारका का विनाश कर दिया है ।

लेकिन द्वारका तो सही-सलामत था उस का पता तो पडोसी देश को दुसरे दिन की सुबह में चला । तभी उस देश को मालुम पडा और सेना सहित शासक अचंभे में पड गए । इसलिए विजय दिन भांदों की १२वीं है ।

उस समय के बोम्बार्डिन्ग के अवशेष शारदापीठ के म्युजियम में रख्खे हैं । ज्यादातर बम दरियामें गीरे थे और कुछ अज्ञात कारण से डिफ्युज हो गए थे ।

हमले के समय पाकिस्तानी जहाज पर भारत का राष्ट्रध्वज लगाया हुआ था ।

पश्चिम भारत का महत्व का तिर्थ और चारघाम का एक धाम तथा मोक्षपूरी मनाते द्वारका यात्रधाम के जग प्रसिध्ध जगतमंदिर पर पाकिस्तान ने बम से हमला किया था । फिर भी मंदिर का एक कंकड भी नही उखडा । उस दिन के ५० वें वर्ष का विजय उत्सव दिन शनिवार को है । (शायद निकल गया पिछले शनिवार को)

उस दिन पाकिस्तान रेडियो ने समाचार दे दिए थे की हमने द्वारका का नाश कर दिया है क्यों कि १५६ बम फैंके गए थे और गीन कर फैंके थे । लेकिन जब गीनती की तब दरिया में ओट थी और बम्बार्डिन्ग किया तो दरिया में भरती आ गई थी । इस लिए कोइ रहस्यमय कारण से पाकिस्तान की गीनती गलत साबित हो गई और उसे द्वारकाधिश में आस्था रखनेवाले कुदरती चमत्कार ही मनते हैं ।

आजादी के समय भारत के दो हिस्सी बने और पाकिस्तान अलग हुआ । उस समय से ही पाकिस्तान की तरफ से बदमाश बच्चे की तरह कुछ ना कुछ चबकला होता रहता है और दो बार कायदेसर युध्ध भी हुआ । १९६५ के युध्ध के समय पाकिस्तान ने भारतियों के इस आस्थाकेन्द्र के विनाश की योजना बनाई थी । द्वारकाधिश के जगतमंदिर को बम से उडाने का कारस्तान किया था वो दिन था भादों सुद १२वीं और साल था १९६५ । पाकिस्तानी नैकादल के जहाज ने दरिया में से मंदिर को टारगेट किया था और रात को १५६ बम द्वारका पर फैंके थे । ज्यादातर बम ऐसे ही डिफ्युज हो गए । कई बम दरिया में पडे मात्र एक बम से मंदिर के ध्वजदंड को सामान्य नूकसान हुआ । लेकिन मानो द्वारका को जगतमंदिरने बांहें फैलाकर रक्षण किया हो ऐसे आबाद बच गया....
परंतु पाकिस्तानियों ने माना कि इतने बम फैंके हैं तो विनाश हो गया है इसलिए उस रात को ही पाकिस्तानी रेडियो ने प्रसारण किया कि पाकिस्तानी नौकादलने भारत के अति महत्व के तिर्थक्षेत्र द्वारका का विनाश कर दिया है ।

लेकिन द्वारका तो सही-सलामत था उस का पता तो पडोसी देश को दुसरे दिन की सुबह में चला । तभी उस देश को मालुम पडा और सेना सहित शासक अचंभे में पड गए । इसलिए विजय दिन भांदों की १२वीं है ।

उस समय के बोम्बार्डिन्ग के अवशेष शारदापीठ के म्युजियम में रख्खे हैं । ज्यादातर बम दरियामें गीरे थे और कुछ अज्ञात कारण से डिफ्युज हो गए थे ।

हमले के समय पाकिस्तानी जहाज पर भारत का राष्ट्रध्वज लगाया हुआ था ।
Posted in AAP

केजरीवाल ने एक बार फिर थूक कर चाट लिया …


केजरीवाल ने एक बार फिर थूक कर चाट लिया …
गडकरी मानहानि केस में वो नितिन गडकरी से अदालत के बाहर समझौता करने को तैयार हो गये है और वो नितिन गडकरी से लिखित में माफ़ी भी मागेंगे
दिल्ली की एक अदालत में गडकरी मानहानी केस में सुनवाई के दौरान नितिन गडकरी की वकील पिंकी आनन्द ने अदालत से केजरीवाल के खिलाफ वारंट जारी करने की मांग की ..जिसके जबाब में केजरीवाल के वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट को बताया की उनका मुवक्किल अरविन्द केजरीवाल नितिन गडकरी जी से माफ़ी मांगने और अदालत के बाहर आपसी समझौता करने को तैयार हो गये है ..इसलिए अब इस मामले को यही खत्म कर दिया जाए …
जिसके जबाब में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गोमती मनोचा ने कहा- ‘मूलत: यह अहं का टकराव है। अच्छा होगा कि मामला शांत हो जाए।’
और नितिन गडकरी की वकील पिंकी आनन्द ने भी कोर्ट को कहा की यदि केजरीवाल माफ़ी या समझौता करने को तैयार है तो उनका मुवक्किल भी अदालत के समय को बर्बाद नही करना चाहते है ….
हे आपियो .. अब तो आँखे खोलो ..देखो तुम्हारा नेता कितना बड़ा दोगला निकला ..
[जन्मजात सुतियो यानी आपियो के लिए लिंक कमेन्ट बोक्स में मौजूद है … क्योकि आपीए बिना किसी लिंक के अपने बाप को बाप भी नही मानते ]

केजरीवाल ने एक बार फिर थूक कर चाट लिया ...
गडकरी मानहानि केस में वो नितिन गडकरी से अदालत के बाहर समझौता करने को तैयार हो गये है और वो नितिन गडकरी से लिखित में माफ़ी भी मागेंगे
दिल्ली की एक अदालत में गडकरी मानहानी केस में सुनवाई के दौरान नितिन गडकरी की वकील पिंकी आनन्द ने अदालत से केजरीवाल के खिलाफ वारंट जारी करने की मांग की ..जिसके जबाब में केजरीवाल के वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट को बताया की उनका मुवक्किल अरविन्द केजरीवाल नितिन गडकरी जी से माफ़ी मांगने और अदालत के बाहर आपसी समझौता करने को तैयार हो गये है ..इसलिए अब इस मामले को यही खत्म कर दिया जाए ...
जिसके जबाब में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गोमती मनोचा ने कहा- 'मूलत: यह अहं का टकराव है। अच्छा होगा कि मामला शांत हो जाए।'
और नितिन गडकरी की वकील पिंकी आनन्द ने भी कोर्ट को कहा की यदि केजरीवाल माफ़ी या समझौता करने को तैयार है तो उनका मुवक्किल भी अदालत के समय को बर्बाद नही करना चाहते है ....
हे आपियो .. अब तो आँखे खोलो ..देखो तुम्हारा नेता कितना बड़ा दोगला निकला ..
[जन्मजात सुतियो यानी आपियो के लिए लिंक कमेन्ट बोक्स में मौजूद है ... क्योकि आपीए बिना किसी लिंक के अपने बाप को बाप भी नही मानते ]
Posted in PM Narendra Modi

कमेंट में श्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त करें


DEKH LO ABDDULLAH KOI JEHADI NAHI AAYA MADAD KARNE,NA UVAISI AAY

 
कमेंट में श्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त करें
ये है आरएसएस के संस्कार जो जम्मू कश्मीर के सभी धर्म जाति के भाइयों को अपने दिल में बसाता है और उनके दुखों में स्वयं शामिल होकर उनको हर संभव मदद देकर उनके चेहरे पर ख़ुशी लाने का प्रयास करता है।।
साथ ही पाकिस्तान को इंसानियत के नाते मदद की पेशकश करता है।। सच में काबिल-ऐ-तारीफ है।।

कमेंट में श्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त करें
ये है आरएसएस के संस्कार जो जम्मू कश्मीर के सभी धर्म जाति के भाइयों को अपने दिल में बसाता है और उनके दुखों में स्वयं शामिल होकर उनको हर संभव मदद देकर उनके चेहरे पर ख़ुशी लाने का प्रयास करता है।।
साथ ही पाकिस्तान को इंसानियत के नाते मदद की पेशकश करता है।। सच में काबिल-ऐ-तारीफ है।।

Posted in Love Jihad

लव जिहाद


लव जिहाद पर चर्चा केरल की मशहूर लेखिका कमला दास उर्फ़ कमला सुरैया की चर्चा किये बिना अधूरी है …
हलांकि अब ये कमला दास उर्फ़ कमला सुरैया 72 मुस्टंडो के पास जन्नत में है …
कमला दास केरल की जानी मानी लेखिका थी … जो माधवी कुट्टी के नाम से लिखती थी …और केरल की रायल परिवार से थी और नायर थी … पति के निधन के बाद ये अकेलेपन में थी … पति के निधन के समय इनकी उम्र 65 साल थी … लेकिन फिर भी इनके अंदर सेक्सुअल इच्छाए भरी थी … तीन काफी बड़े बच्चे थे जो बड़ी बड़ी पोस्ट पर थे ..एक बेटा माधव दास नलपत टाइम्स ऑफ़ इंडिया का चीफ एडिटर था जो बाद में यूनेस्को का बड़ा अधिकारी भी बना … उसकी पत्नी त्रावनकोर स्टेट की राजकुमारी है ..
एक बेटा चिम्मन दास विदेश सेवा का अधिकारी है और एक बेटा केरल में कांग्रेस से विधायक है …
इनके घर पर इनके बेटे का एक मित्र अब्दुसमद समदानी उर्फ़ सादिक अली जो मुस्लिम लीग पार्टी का सांसद था और उनसे उम्र में 32 साल छोटा था वो आता जाता था … उस मुस्लिम लीग के सांसद ने अपनी माँ की उम्र की कमला पर डोरे डाले और उन्हें अपने प्रेम जाल नही बल्कि सेक्स जाल में फंसा लिया .. क्योकि खुद कमला ने अपने और समदानी के बीच के मुलाकातों का वर्णन ऐसे किया है जैसे “मस्तराम” की सडकछाप किताबो में होता है .. और कमला ने लिखा है की उम्र बढने के साथ साथ उनकी सेक्स की चाहत भी पता नही क्यों बढने लगी है … और मेरे सेक्स की चाहत को अब्दुसमद समदानी ने मिटाने को तैयार हुआ इसलिए मै उसकी मुरीद बन गयी …
फिर बाद में कमला ने इस्लाम स्वीकार करके अपना नाम कमला सुरैया रख लिखा … तीनो बेटे अपनी माँ के इस कुकर्मो से इतने आहत हुए की उन्होंने अपनी माँ से सभी सम्बन्ध तोड़ लिए …
सबसे चौकाने वाली खबर ये थी की उनके इस्लाम कुबूल करने पर सऊदी अरब के प्रिंस ने अपना दूत उनके घर भेजकर उन्हें गुलदस्ता भेजा था और भारत सरकार ने इसका विरोध नही किया ..
फिर 2009 में उन्हें कैंसर हुआ .. और केरल सरकार ने उन्हें पहले मुंबई फिर बाद में पुणे की एक अस्पताल में भर्ती करवा दिया … तीनो बेटो और सभी रिश्तेदारों ने पहले ही उनसे सम्बन्ध तोड़ लिए थे … और उनका मुस्लिम पति जिसकी वो तीसरी बीबी थी वो एक बार भी उनका हालचाल लेने नही गया था … मरने के पहले उन्होंने लिखा “काश मुझे किसी ने तभी गोली मार दी होती जब मै समदानी के सेक्स जाल में फंस गयी थी … मुझे पता ही नही चला की मुझे सिर्फ राजनीतिक साजिश के तहत केरल की हिन्दू महिलाओ को इस्लाम के प्रति आकर्षित करने के लिए ही फंसाया गया था और इसमें सऊदी अरब के कई लोग काफी हद तक शामिल है …
पुरे आठ महीने तक अस्पताल में तडप तडप कर अपने बेटो और पोतो को याद करते करते उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए .. फिर केरल सरकार ने उन्हें मालाबार के जामा मस्जिद के बगल में कब्रिस्तान में दफना दिया ..

Posted in Secular

secular


जो कश्मीरी गद्दार कल तक भारतीय
सेना को मुर्दाबाद, वापस जाओ, कश्मीर
पाकिस्तान का है -ऐसा कह कर पत्थर मारते थे
वही गद्दार आज उसी सेना से मदद मांग रहे हैं।
सवाल यहाँ खुश होने का नहीं उस कुत्सित
मानसिकता को आईना दिखाने का है। ये
खानदानी गद्दार फारुक
अब्दुल्ला मोदी को वोट देने वालों को समुद्र
में फिकवा रहा था, आज मोदी के
विरोधियों को निगलने समुद्र खुद
उनकी छाती पर जा चढ़ा है। यही कौम पिछले
साल केदारनाथ त्रासदी पर मखौल
उड़ा रही थी की -तुम्हारे तो भगवान् भी बह
गए, बचा नहीं पाए भक्तों को- अब आज उनके
अल्ला मियां क्यूँ न बचा पाए इन
गद्दारों को ? जो हुर्रियत कल तक
पाकिस्तान के कसीदे पढ़ रहा था वो आज
किस बिल में घुस गया है ? मांग के दिखाए कोई
मदद पाकिस्तान से? यहाँ मकसद
किसी की तकलीफ और त्रासदी पर आनंद
लेना नहीं है बल्कि उन गद्दारों को ये
जताना है की पत्थर और गाली खा कर
भी मदद करने का माद्दा सिर्फ भारतीय
सेना में है और हज़ार आलोचनाएं भुला कर
सबका विकास सबकी सुरक्षा और सबके हित के
लिए काम करने का माद्दा सिर्फ और सिर्फ
नरेन्द्र मोदी में है।

Posted in रामायण - Ramayan

सूर्य सिद्धान्त


Arun Upadhyay With Lanka or Ujjain as zero longitude ref, Ketumal is 90 deg west (Morocco west tip), Siddhapur is 180 deg east or west (in Mexico, near Guatemala) and Yamakotipattana is 90 deg east (SW tip of Newzealand)- (सूर्य सिद्धान्त १२/३८-४२)-भूवृत्तपादे पूर्वस्यां यमकोटीति विश्रुता। भद्राश्ववर्षे नगरी स्वर्णप्राकारतोरणा॥३८॥
याम्यायां भारते वर्षे लङ्का तद्वन् महापुरी। पश्चिमे केतुमालाख्ये रोमकाख्या प्रकीर्तिता॥३९॥
उदक् सिद्धपुरी नाम कुरुवर्षे प्रकीर्तिता (४०) भूवृत्तपादविवरास्ताश्चान्योन्यं प्रतिष्ठिता (४१)
तासामुपरिगो याति विषुवस्थो दिवाकरः। न तासु विषुवच्छाया नाक्षस्योन्नतिरिष्यते ॥४२॥
These quadrants are 4 petals of Earth-lotus, Bhārata covers 1.
(विष्णु पुराण २/२)-भद्राश्वं पूर्वतो मेरोः केतुमालं च पश्चिमे। वर्षे द्वे तु मुनिश्रेष्ठ तयोर्मध्यमिलावृतः।२४।
भारताः केतुमालाश्च भद्राश्वाः कुरवस्तथा। पत्राणि लोकपद्मस्य मर्यादाशैलबाह्यतः।४०।

Posted in AAP

आईये आपिओ के सवराज(केजू लैंड) के सपने को सोचे।


आईये आपिओ के सवराज(केजू लैंड) के सपने को सोचे।

जहा फ्री बिजली होगी , फ्री पानी होगा। ।
स्वराज होगा यानि अपना राज ,
पुलिस , अदालत नहीं होगी( सब चोर है।)
सिर्फ फैसले धरने की भीड़ को देख के लिए जायेंगे।

आर्मी की जगह पे ख़ुर्रांत dharnebaaz रखे जायेंगे।
कोई विपक्ष नहीं होगा (क्यों की सब मिले हुए होते है)
टैक्स की जगह चंदा लिया जायेगा , और सैलरी सबकी 20000 ही फिक्स होगी।
रायता ओलम्पिक हर साल होंगे /
गाजा को देश की राजधानी बनाया जायेगा।
कश्मीर पाकिस्तान को दे कर खर्चा कम किया जायेगा ।
कितना सुखद , कितना प्यारा स्वप्न

Posted in Sai conspiracy

sai


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Shirdi Sai Baba – भारत के इतिहास का सबसे बड़ा पाखंड

• पांडवो और कौरवो मे धर्मयुद्ध था। पांडव पाँच थे और कौरव सौ थे
फिर भी विजय पांडवो की हुई क्यूंकि धर्म उनके पक्ष में था,

शिर्डी साईं के भक्त कहते है की साईं को मानने वाले अधिक है और विरोधी बहुत कम,
क्या संख्या से धर्म का कोई सम्बन्ध है,
क्या जहाँ पर संख्या अधिक होगी वही धर्म होगा,

यदि संख्या ही सब कुछ निर्धारित करेगी तो फिर शास्त्रों और वैदिक परम्पराओ का क्या प्रयोजन, ऐसे में साईं की पूजा सनातनी रीती रिवाजो से करने का ओचित्य ही क्या है,

साईं के भक्तो के पास उत्तर किसी बात का नहीं होता, केवल एक प्रकार की ओछी मानसिकता का प्रचार प्रसार किया जा रहा है,

अंत में वही प्रशन – यदि साईं संत था, अच्छा व्यक्ति था, सज्जन था, तो उसके प्रचार के लिए झूठ का सहारा क्यों??

क्यों नहीं साईं के नाटको सीरियल और फिल्मो में ये बताया की साईं बीडी चिलम पीते थे, मांस खाते थे, औरतो को गालियाँ देते थे, दीपावली पर पानी से दिए जलाने की भी झूठी कथा गढ़ दी, सत्य तो ये है की साईं ने दियो में थूका और फिर ऊपर से तेल डाल कर दिए जलाए थे, क्या ऐसे मनाई जाती है दीपावली,

जय सियाराम
धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो |

‪#‎FraudSai‬ ‪#‎ExposeShirdisai‬ ‪#‎Bhaktijihad‬

‪#‎बहरूपिया_साई‬
‪#‎शिर्डी_साई_बेनकाब‬
‪#‎भक्ति_जिहाद‬

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(y) Shirdi Sai Baba - भारत के इतिहास का सबसे बड़ा पाखंड  (y)

• पांडवो और कौरवो मे धर्मयुद्ध था। पांडव पाँच थे और कौरव सौ थे 
फिर भी विजय पांडवो की हुई क्यूंकि धर्म उनके पक्ष में था,

शिर्डी साईं के भक्त कहते है की साईं को मानने वाले अधिक है और विरोधी बहुत कम,
क्या संख्या से धर्म का कोई सम्बन्ध है, 
क्या जहाँ पर संख्या अधिक होगी वही धर्म होगा,

यदि संख्या ही सब कुछ निर्धारित करेगी तो फिर शास्त्रों और वैदिक परम्पराओ का क्या प्रयोजन, ऐसे में साईं की पूजा सनातनी रीती रिवाजो से करने का ओचित्य ही क्या है,

साईं के भक्तो के पास उत्तर किसी बात का नहीं होता, केवल एक प्रकार की ओछी मानसिकता का प्रचार प्रसार किया जा रहा है,

अंत में वही प्रशन - यदि साईं संत था, अच्छा व्यक्ति था, सज्जन था, तो उसके प्रचार के लिए झूठ का सहारा क्यों??

क्यों नहीं साईं के नाटको सीरियल और फिल्मो में ये बताया की साईं बीडी चिलम पीते थे, मांस खाते थे, औरतो को गालियाँ देते थे, दीपावली पर पानी से दिए जलाने की भी झूठी कथा गढ़ दी, सत्य तो ये है की साईं ने दियो में थूका और फिर ऊपर से तेल डाल कर दिए जलाए थे, क्या ऐसे मनाई जाती है दीपावली,

जय सियाराम 
धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो |

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