Posted in श्रीमद्‍भगवद्‍गीता

गीता का सर्वप्रथम अरबी अनुवाद सातवें शतक मे खलीफा हारून रशीद बगदादी ने किया था ।


पाखंडी धर्मनिरपेक्ष
सन्तानें
को जानना चाहिए , ज्ञानी होते
हुए
भी हेतुपूर्वक अंध व अज्ञान बन गए है ।
*** गीता का सर्वप्रथम अरबी अनुवाद
सातवें शतक मे खलीफा हारून रशीद
बगदादी ने किया था ।
—एकबार तुर्की के तत्कालीन PM
करामत पासा भारत प्रवास हेतु आए
थे , एक भारतीय पत्रकार मनमोहन शर्मा ने
मुलाक़ात
अंतर्गत देखा की उनके पास भगवद्
गीता का अरबी ग्रंथ हाथ मे था । पूछने
पर उन्होने बताया की मै 30 वर्ष से
नियमित गीता का पाठ कर रहा हूँ ,
उन्होने पूछा –“ क्या भारत के मुस्लिम
गीता नहीं पढ़ते ?” पत्रकार ने
कहाँ कदापि नहीं ! !
यह सुनकर तुर्की PM ने कहा –“ भागवत
गीता कोई धार्मिकग्रंथ नहीं है यह तो मानवजात के निष्काम कर्म करने
की प्रेरणा देता है , मै यह ग्रंथ सतत
प्रवास मे
भी साथ रखता हूँ । “

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