Posted in हिन्दू पतन

सालों से मस्जिद मे घुट रहा मैं तुम्हारा भोलेनाथ हूँ ,


सालों से मस्जिद मे घुट
रहा मैं
तुम्हारा भोलेनाथ
हूँ , हिंदुओं मैं
ही तुम्हारा वाराणसी का काशी विश्वनाथ
हूँ ..
अयोध्या के फटे तंबू मे
पड़ा तुम्हारी नामार्दी का प्रमान
हूँ ,
हिंदुओं मैं वही रावण
का वध करने
वाला दशरथ
पुत्र राम हूँ ,,
दुष्ट कन्स का संहारक
और मैं
ही गीता का ग्यान
हूँ ,
हिंदुओं
मथुरा की मस्जिद
मे पड़ा मैं कृष्ण भगवान
हूँ ,, सालों पहले लोग
कहते थे
क़ि मैं ही हिंदुत्व
का ताज हूँ ,
आज अकबर के किले से
घिरा हुआ मैं तीर्थ
प्रयाग हूँ …
कहने के लिए तो मैं तुम
हिंदुओं की भाग्य
विधाता हूँ,
आतकियों की गोलियों से
छलनी होती मैं
वैष्णो माता हूँ ……
कहते हो तुम क़ि मैं हर
हिंदू का विश्वास हूँ..
चीन के कदमों मे
पड़ा हुआ मैं तीर्थ
कैलाश हूँ…
नारों मे तो सुनता हूँ
क़ि मैं हर हिंदू के साथ
हूँ , बम बारूद से घायल
पड़ा मैं ज़ख्मी अमरनाथ
हूँ ….
क्या 90 करोड़ भी कम
है
भगवा की लाज बचाने
को ,
या तुमको शौक
पड़ी है
अपने घर मे आग लगाने
को

सालों से मस्जिद मे घुट रहा मैं तुम्हारा भोलेनाथ हूँ , हिंदुओं मैं ही तुम्हारा वाराणसी का काशी विश्वनाथ हूँ .. अयोध्या के फटे तंबू मे पड़ा तुम्हारी नामार्दी का प्रमान हूँ , हिंदुओं मैं वही रावण का वध करने वाला दशरथ पुत्र राम हूँ ,, दुष्ट कन्स का संहारक और मैं ही गीता का ग्यान हूँ , हिंदुओं मथुरा की मस्जिद मे पड़ा मैं कृष्ण भगवान हूँ ,, सालों पहले लोग कहते थे क़ि मैं ही हिंदुत्व का ताज हूँ , आज अकबर के किले से घिरा हुआ मैं तीर्थ प्रयाग हूँ ... कहने के लिए तो मैं तुम हिंदुओं की भाग्य विधाता हूँ, आतकियों की गोलियों से छलनी होती मैं वैष्णो माता हूँ ...... कहते हो तुम क़ि मैं हर हिंदू का विश्वास हूँ.. चीन के कदमों मे पड़ा हुआ मैं तीर्थ कैलाश हूँ... नारों मे तो सुनता हूँ क़ि मैं हर हिंदू के साथ हूँ , बम बारूद से घायल पड़ा मैं ज़ख्मी अमरनाथ हूँ .... क्या 90 करोड़ भी कम है भगवा की लाज बचाने को , या तुमको शौक पड़ी है अपने घर मे आग लगाने को

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