Posted in हिन्दू पतन

तिरुपति में अंतर्राष्ट्रीय इस्लामी विद्यापीठ खडा करनेसे रोके !


तिरुपति में अंतर्राष्ट्रीय इस्लामी विद्यापीठ खडा करनेसे रोके !
हिंदुओ, बलवान हिंदूनिष्ठ संगठन एवं दल आगामी सार्वत्रिक
चुनावके कारण निष्क्रिय रहेंगे, इसलिए आप ही इसके विरुद्ध सक्रिय हों !

सात मंजिला ‘हीरा इंटरनॅशनल इस्लामिक कालेज’ इमारत चंद्रगिरी नाम के एक गांव में खडी की जा रही है, जो हिंदू धर्मक्षेत्र तिरूपती से केवल १३ किलोमीटर की दूरी पर है । सात एकड की जमीन पर यह इस्लामी महाविद्यालय खडा हो रहा है । गांव में रहनेवालों ने बताया की यह जमीन वहां के एक श्री विष्णू मंदिर की है, जो पिछले कई सालों बहुत बुरी हालत में है । इस्लामी विश्वविद्यालय अभी विष्णू मंदिर की जमीन पर बन रहा है ।

यह भी लगता है की ‘हीरा इंटरनॅशनल इस्लामिक कालेज’ निर्माण कार्य शुरू करने से पहले कोई अनुमती नहीं ली है ।

चंद्रगिरी गांव ‘तिरूपती अर्बन डेवलेपमेंट आथोरिटी’ (टुडा) के क्षेत्र में आता है । ‘टुडा’ के नियमानुसार उनके क्षेत्र में कोई भी नया निर्माण कार्य करना हो तो पहले ‘टुडा’ से अनुमती लेनी पडती है । कोई भी इमारत ५ मंजिलों से बडी नहीं बनाई जा सकती है । परंतू यह इमारत ७ मंजिला है एवं ‘टुडा’ से कोई अनुमती नहीं ली गई है ।

इन प्रख्यात व्यक्तियोंके विचार जान लेते हैं !

१. श्री. टी.एस.राव, भूतपूर्व डी.जी.पी.,आंध्र प्रदेश : नोवारा शेखने हीरा अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक महाविद्यालय अवैध पद्धतिसे निर्माण किया है । हैदराबादके सांसद असाउद्दीन ओवैसीने नोवारा शेखके विरुद्ध धोखाधडीका अमियोग प्रविष्ट किया है । इन सारी घटनाओंका विस्तारपूर्वक अन्वेषण किया जाए ।

२. डा. डी एच. चौधरी, भूतपूर्व आइ.ए.एस., वी.एस.एन.एल.के भूतपूर्व – सी.एम.डी., आंध्र प्रदेश सरकारके भूतपूर्व आई.टी. सलाहकार : आंध्र प्रदेश सरकार तथा वहांके लोगोंको वातावरण अपवित्र करनेवाले एवं विभाजन करनेवाले ‘हीरा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय (महाविद्यालय)’ योजना हेतु अनुमति नहीं देनी चाहिए ।

३. श्री.कृष्णा रेड्डी, तिरुपतिके इतिहासकार एवं इतिहास लेखक : इस्लामिक महाविद्यालय जिस भूमिपर निर्माण किया गया है वह भूमि एक मंदिरके तालाबकी है, तथा उसे वापिस मांगा गया है । यह भूमि वर्तमान मालिकके हाथ कैसे पहुंची, यह बात रहस्य ही बनी हुई है । भूमि हस्तांतरणके विषयमें सारी बातोंकी छानबीन करनेके आदेश दिए जाएं ।

४. श्री.एम.वेंकिया नायडू, भाजपा सांसद : तिरुपतिका इस्लामिक महाविद्यालय सभीके लिए चिंताका विषय है ।

५. श्री. एस.वी.बद्री, धार्मिक विद्वान : कोई भी समूह(हीरा समूह) जो कुरानके आदेशानुसार कार्यरत है, तिरुपतिके मूर्तिपूजकोंको कैसे सह सकेगा ?

इस्लामी विश्वविद्यालयके विरोधमें हिंदू जनजागृति समिति के साथ शामिल हों !

हिंदू जनजागृति समितिने विविध स्तरोंपर यह विषय उठाया है, एवं समितिने इस विषयपर राष्ट्रव्यापी आंदोलन आरंभ किया है । भविष्यमें, इस विश्वविद्यालय का विरोध करनेहेतु हिंदू जनजागृति समिति अन्य हिंदू संगठनों के साथ विभिन्न स्थानोंपर प्रदर्शन आयोजित करेंगे ।

हिंदू एकता की सफलता : तिरुपति स्थित इस्लामिक विश्वविद्यालय भवनके ५ अवैध तल्ले गिरानेका आदेश !

स्थित थोन्दावडा गांवमें निर्माणाधीन हीरा अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक विश्वविद्यालयसे संबंधित सारी घटनाओंकी जांच कर जिलाधिकारी के. रामगोपालने विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित ५ अवैध तल्ले गिरानेका आदेश दिया है ।

तिरुपतिका इस्लामिक विश्वविद्यालयका निर्माणकार्य स्थगित करने हेतु शासनको २० दिनोंकी अवधि !

तिरुमला तिरुपति पवित्रता संरक्षण वेदिका संगठनके सदस्योंने संबंधित अधिकारियोंको प्रस्तुत निवेदनमें बताया कि यदि इस्लामिक विश्वविद्यालयका निर्माण कार्य २० दिनोंके अंदर स्थगित नहीं किया गया, तो शासनको हिंदुओंके आक्रामक प्रत्युत्तरका सामना करना पडेगा ।

जबतक तिरुपतिसे इस्लामिक विश्वविद्यालय संपूर्णतया सीमापार नहीं होता, तबतक हिंदू जनजागृति समिति आंदोलन आरंभ रखेगी ।

तिरुपति में अंतर्राष्ट्रीय इस्लामी विद्यापीठ खडा करनेसे रोके !
हिंदुओ, बलवान हिंदूनिष्ठ संगठन एवं दल आगामी सार्वत्रिक 
चुनावके कारण निष्क्रिय रहेंगे, इसलिए आप ही इसके विरुद्ध सक्रिय हों !

सात मंजिला ‘हीरा इंटरनॅशनल इस्लामिक कालेज’ इमारत चंद्रगिरी नाम के एक गांव में खडी की जा रही है, जो हिंदू धर्मक्षेत्र तिरूपती से केवल १३ किलोमीटर की दूरी पर है । सात एकड की जमीन पर यह इस्लामी महाविद्यालय खडा हो रहा है । गांव में रहनेवालों ने बताया की यह जमीन वहां के एक श्री विष्णू मंदिर की है, जो पिछले कई सालों बहुत बुरी हालत में है । इस्लामी विश्वविद्यालय अभी विष्णू मंदिर की जमीन पर बन रहा है ।

यह भी लगता है की ‘हीरा इंटरनॅशनल इस्लामिक कालेज’ निर्माण कार्य शुरू करने से पहले कोई अनुमती नहीं ली है ।

चंद्रगिरी गांव ‘तिरूपती अर्बन डेवलेपमेंट आथोरिटी’ (टुडा) के क्षेत्र में आता है । ‘टुडा’ के नियमानुसार उनके क्षेत्र में कोई भी नया निर्माण कार्य करना हो तो पहले ‘टुडा’ से अनुमती लेनी पडती है । कोई भी इमारत ५ मंजिलों से बडी नहीं बनाई जा सकती है । परंतू यह इमारत ७ मंजिला है एवं ‘टुडा’ से कोई अनुमती नहीं ली गई है ।

इन प्रख्यात व्यक्तियोंके विचार जान लेते हैं !

१. श्री. टी.एस.राव, भूतपूर्व डी.जी.पी.,आंध्र प्रदेश : नोवारा शेखने हीरा अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक महाविद्यालय अवैध पद्धतिसे निर्माण किया है । हैदराबादके सांसद असाउद्दीन ओवैसीने नोवारा शेखके विरुद्ध धोखाधडीका अमियोग प्रविष्ट किया है । इन सारी घटनाओंका विस्तारपूर्वक अन्वेषण किया जाए ।

२. डा. डी एच. चौधरी, भूतपूर्व आइ.ए.एस., वी.एस.एन.एल.के भूतपूर्व - सी.एम.डी., आंध्र प्रदेश सरकारके भूतपूर्व आई.टी. सलाहकार : आंध्र प्रदेश सरकार तथा वहांके लोगोंको वातावरण अपवित्र करनेवाले एवं विभाजन करनेवाले ‘हीरा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय (महाविद्यालय)’ योजना हेतु अनुमति नहीं देनी चाहिए ।

३. श्री.कृष्णा रेड्डी, तिरुपतिके इतिहासकार एवं इतिहास लेखक : इस्लामिक महाविद्यालय जिस भूमिपर निर्माण किया गया है वह भूमि एक मंदिरके तालाबकी है, तथा उसे वापिस मांगा गया है । यह भूमि वर्तमान मालिकके हाथ कैसे पहुंची, यह बात रहस्य ही बनी हुई है । भूमि हस्तांतरणके विषयमें सारी बातोंकी छानबीन करनेके आदेश दिए जाएं ।

४. श्री.एम.वेंकिया नायडू, भाजपा सांसद : तिरुपतिका इस्लामिक महाविद्यालय सभीके लिए चिंताका विषय है ।

५. श्री. एस.वी.बद्री, धार्मिक विद्वान : कोई भी समूह(हीरा समूह) जो कुरानके आदेशानुसार कार्यरत है, तिरुपतिके मूर्तिपूजकोंको कैसे सह सकेगा ?

इस्लामी विश्वविद्यालयके विरोधमें हिंदू जनजागृति समिति के साथ शामिल हों !

हिंदू जनजागृति समितिने विविध स्तरोंपर यह विषय उठाया है, एवं समितिने इस विषयपर राष्ट्रव्यापी आंदोलन आरंभ किया है । भविष्यमें, इस विश्वविद्यालय का विरोध करनेहेतु हिंदू जनजागृति समिति अन्य हिंदू संगठनों के साथ विभिन्न स्थानोंपर प्रदर्शन आयोजित करेंगे ।

हिंदू एकता की सफलता : तिरुपति स्थित इस्लामिक विश्वविद्यालय भवनके ५ अवैध तल्ले गिरानेका आदेश !

स्थित थोन्दावडा गांवमें निर्माणाधीन हीरा अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक विश्वविद्यालयसे संबंधित सारी घटनाओंकी जांच कर जिलाधिकारी के. रामगोपालने विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित ५ अवैध तल्ले गिरानेका आदेश दिया है ।

तिरुपतिका इस्लामिक विश्वविद्यालयका निर्माणकार्य स्थगित करने हेतु शासनको २० दिनोंकी अवधि !

तिरुमला तिरुपति पवित्रता संरक्षण वेदिका संगठनके सदस्योंने संबंधित अधिकारियोंको प्रस्तुत निवेदनमें बताया कि यदि इस्लामिक विश्वविद्यालयका निर्माण कार्य २० दिनोंके अंदर स्थगित नहीं किया गया, तो शासनको हिंदुओंके आक्रामक प्रत्युत्तरका सामना करना पडेगा ।

जबतक तिरुपतिसे इस्लामिक विश्वविद्यालय संपूर्णतया सीमापार नहीं होता, तबतक हिंदू जनजागृति समिति आंदोलन आरंभ रखेगी ।

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