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1400 साल पहले यहूदियों


 
1400 साल पहले यहूदियों की धरती को हतिया लिया गया था आज यहूदी अपनी धरती वापस ले रहा है.....इजराइल अपने देश की जनता की सुरक्षा करना जानता है................ यहूदी धर्म का इतिहास करीब 4000 साल पुराना है । इस धर्म का इतिहास मिस्र के नील नदी से लेकर वर्तमान इराक़ के दजला-फुरात नदी के बीच आरंभ हुआ और आज का इसरायल एकमात्र यहूदी राष्ट्र है ।

यहूदी परम्परा के अनुसार, पहले यहूदी मिस्र के फराओं के अन्दर गुलाम होते थे । बाद में मूसा के नेतृत्व में वे इसरायल आ गए । ईसा के 1100 साल पहले जैकब के 12 संतानों के आधार पर अलग-अलग यहूदी कबीले बने । ये दो खेमों में बँट गए - एक, जो 10 कबीलों का बना था इसरायल कहलाया और दो, जो बाकी के दो कबीलों से बना था वो जुडाया कहलाया । 10 कबीलों वाले इसरायल का क्या हुआ इसका पता नहीं है । जुडाया पर बेबीलन का अधिकार हो गया । बाद में ईसापूर्व सन् 800 के आसपास यह असीरिया के अधीन चला गया । फ़ारस के हखामनी शासकों ने असीरियाइयों को ईसापूर्व 530 तक हरा दिया तो यह क्षेत्र फ़ारसी शासन में आ गया । इस समय जरदोश्त के धर्म का प्रभाव यहूदी धर्म पर पड़ा । यूनानी विजेता सिकन्दर ने जब दारा तृतीय को ईसापूर्व 330 में हराया तो यह यहूदी ग्रीक शासन में आ गए । सिकन्दर की मृत्यु के बाद सेल्यूकस के साम्राज्य और उसके बाद रोमन साम्राज्य के अधीन रहने के बाद ईसाइयत का उदय हुआ । इसके बाद यहूदियों को यातनाएं दी जान लगी । सातवीं सदी में इस्लाम के उदय तक उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा । उसके बाद तुर्क, मामलुक शासन के समय इनका पलायन इस क्षेत्र से आरंभ हुआ । बीसवीं सदी के आरंभ में कई यहूदी यूरोप से आकर आज के इसरायली क्षेत्रों में बसने लगे ।

1400 साल पहले यहूदियों की धरती को हतिया लिया गया था आज यहूदी अपनी धरती वापस ले रहा है…..इजराइल अपने देश की जनता की सुरक्षा करना जानता है……………. यहूदी धर्म का इतिहास करीब 4000 साल पुराना है । इस धर्म का इतिहास मिस्र के नील नदी से लेकर वर्तमान इराक़ के दजला-फुरात नदी के बीच आरंभ हुआ और आज का इसरायल एकमात्र यहूदी राष्ट्र है ।

यहूदी परम्परा के अनुसार, पहले यहूदी मिस्र के फराओं के अन्दर गुलाम होते थे । बाद में मूसा के नेतृत्व में वे इसरायल आ गए । ईसा के 1100 साल पहले जैकब के 12 संतानों के आधार पर अलग-अलग यहूदी कबीले बने । ये दो खेमों में बँट गए – एक, जो 10 कबीलों का बना था इसरायल कहलाया और दो, जो बाकी के दो कबीलों से बना था वो जुडाया कहलाया । 10 कबीलों वाले इसरायल का क्या हुआ इसका पता नहीं है । जुडाया पर बेबीलन का अधिकार हो गया । बाद में ईसापूर्व सन् 800 के आसपास यह असीरिया के अधीन चला गया । फ़ारस के हखामनी शासकों ने असीरियाइयों को ईसापूर्व 530 तक हरा दिया तो यह क्षेत्र फ़ारसी शासन में आ गया । इस समय जरदोश्त के धर्म का प्रभाव यहूदी धर्म पर पड़ा । यूनानी विजेता सिकन्दर ने जब दारा तृतीय को ईसापूर्व 330 में हराया तो यह यहूदी ग्रीक शासन में आ गए । सिकन्दर की मृत्यु के बाद सेल्यूकस के साम्राज्य और उसके बाद रोमन साम्राज्य के अधीन रहने के बाद ईसाइयत का उदय हुआ । इसके बाद यहूदियों को यातनाएं दी जान लगी । सातवीं सदी में इस्लाम के उदय तक उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा । उसके बाद तुर्क, मामलुक शासन के समय इनका पलायन इस क्षेत्र से आरंभ हुआ । बीसवीं सदी के आरंभ में कई यहूदी यूरोप से आकर आज के इसरायली क्षेत्रों में बसने लगे ।

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