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Isliye bhartiya ho aur bhartiya hi bane rahe


  • Suraj Gupta Isliye bhartiya ho aur bhartiya hi bane rahe to jyada achcha hai…gandhi ne agar batware ke samay sabhi muslim ko pakistan jane se na raka hota to aaj kisi owaisi jaise kutte ki aukaat nahi hoti bhonkne ki..ye hindu dharm hi hai jo sabhi ko saath le kar chalta hai..soncho kahi hum 100 caror tliban ya pakistan ki tarha kattarwadi ho gaye..to musalmano ka kya hoga…santi ke ham pujari hai saanti se rahate hai aur rakhta hai..jis din santi chhod kar hathiyar utha liye..to….. apni khair manao ki hindustan me kahi is samay iraq ne hote to tumhare log hi tumhe kaat dalte…baki khud samajhdar ho..jai hind..
  •  Aaj b agar koi musalman..desh me sirf majhab ke naam par vote mange aur jeete b..to fir kya kaha jaye..aur yahi wo muasalman hai jo khata yaha hai aur bajata pakistan ki hai..isi ne kaha tha..ki agar sarkar sirf 15min ke liye police hata le to hum hinduo ka naam..nisan mita denge..is kutte ko sahyed ye nahi pata ya bhool gaya ki 800 saal muslim raaj raha tab b hindu raha aur aaj b hai..aur aage rahega..kisi owaisi ke kuch bolne se kuch hone wala nahi..5000 saal ka itihas hai aur caror saal ki sabhyata..kisi kutte ke bhonkne se hilne wali nahi..aur waise b muslim apne DNA test kar le..pata hi chalega ki DNA indian hai..matlam ye musalmano ke dwara dharm badal karwaya gaya..jo arbi the..aur kattarwadi the..asli muslim to india me hai hi nahi..
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भारतीय सेना में मुसलमानो को क्यों नहीं लिया जाता है ?


भारतीय सेना में मुसलमानो को क्यों नहीं लिया जाता है ?

क्या आप जानते है ?

1965 में जब पाकिस्तान के साथ युद्ध हुआ था उस वक्त मुस्लिम रेजिमेंट और मुस्लिम राईफल्स को हमला करने के आदेश जारी किया गया। उस वक्त मुस्लिम रेजिमेंट और मुस्लिम राईफल्स ने पाकिस्तान पर हमला करने से साफ़ मना कर दिया था और लगभग बीस हज़ार मुस्लिम सेना ने पाकिस्तान के सामने अपने हथियार डाल दिए थे . जिस वजह से उस वक्त भारत को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था . सेना ने मुस्लिम राईफल्स और मुस्लिम रेजिमेंट के ऊपर बहुत ज्यादा यकीन कर के इनको भेजा गया था. लेकिन इसके बाद इन दोनों को हटा दिया गया .

उसके बाद 1971 में पाकिस्तान के साथ फिर युद्ध हुआ . उस वक्त सेना में एक भी मुस्लिम नहीं था. उस वक्त भारत ने पाकिस्तान के नब्बे हज़ार सेना के हथियार डलवा कर उनको बंदी बना लिया था और लिखित तौर पर आत्मसमर्पण करवाया था ।। तब से लेकर आज तक भारतीय सेना में मुस्लिम रेजिमेंट या मुस्लिम राईफल्स नाम की कोई सेना नही है .

मुस्लिम रेजिमेंट ने सन 1965 मे पाकिस्तान के खिलाफ जंग लड़ने से साफ़ इंकार कर दिया,.इस वजह से इनकी पूरी की पूरी रेजिमेंट पर ही बैन लगा दिया गया, और पूरे रेजिमेंट को ही खत्म कर दिया गया,

क्योंकि भारत की असली जंग तो हमेशा ही पाकिस्तान के ही साथ होती है।

भारतीय सेना में मुसलमानो को क्यों नहीं लिया जाता है ? 

क्या आप जानते है ? 

1965 में जब पाकिस्तान के साथ युद्ध हुआ था उस वक्त मुस्लिम रेजिमेंट और मुस्लिम राईफल्स को हमला करने के आदेश जारी किया गया। उस वक्त मुस्लिम रेजिमेंट और मुस्लिम राईफल्स ने पाकिस्तान पर हमला करने से साफ़ मना कर दिया था और लगभग बीस हज़ार मुस्लिम सेना ने पाकिस्तान के सामने अपने हथियार डाल दिए थे . जिस वजह से उस वक्त भारत को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था . सेना ने मुस्लिम राईफल्स और मुस्लिम रेजिमेंट के ऊपर बहुत ज्यादा यकीन कर के इनको भेजा गया था. लेकिन इसके बाद इन दोनों को हटा दिया गया . 

उसके बाद 1971 में पाकिस्तान के साथ फिर युद्ध हुआ . उस वक्त सेना में एक भी मुस्लिम नहीं था. उस वक्त भारत ने पाकिस्तान के नब्बे हज़ार सेना के हथियार डलवा कर उनको बंदी बना लिया था और लिखित तौर पर आत्मसमर्पण करवाया था ।। तब से लेकर आज तक भारतीय सेना में मुस्लिम रेजिमेंट या मुस्लिम राईफल्स नाम की कोई सेना नही है . 

मुस्लिम रेजिमेंट ने सन 1965 मे पाकिस्तान के खिलाफ जंग लड़ने से साफ़ इंकार कर दिया,.इस वजह से इनकी पूरी की पूरी रेजिमेंट पर ही बैन लगा दिया गया, और पूरे रेजिमेंट को ही खत्म कर दिया गया, 

क्योंकि भारत की असली जंग तो हमेशा ही पाकिस्तान के ही साथ होती है।
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Pundarikaashan deity is the oldest in South India.


Pundarikaashan deity is the oldest in South India.

The temple is considered the oldest of the Vaishnavaite temples of South. It is older than Srirangam which was built during Rama’s period, whereas this temple was built by Sibhi, 4 generations older forefather of Rama. Hence the name Aadhi Vellarai. According to the Puranas, 64 `Chathuryugas’ (the present Kaliyuga being one of them) have passed since the Lord enshrined here.

Main Deity: Perumal Pundarikaashan, east facing, standing posture
Goddess: Shenbagavalli, also called as Periya Piraattiyaar Lakshmi Devi. Seperate sannadhi for Thaayar. Utsavar thaayar is named as Pangajavalli. Mangalasasanam: Periyalwar – 11, Thirumangai Alwar – 13, a total of 14 Paasurams. Perialwar – 71, 192 – 201, Thirumangaialwar – 1368-77, 1851, 2673, 2674

Called as Swetagiri in Sanskrit. Vellarai and Swetagiri mean hillock of white rock. There is another entrance referred as the “Naazhi Kettan Vayil”. It is believed that Lord Vishnu was interpreted and questioned by his consort Lakshmi upon his returning home late.

Legend:

As per the legend, the mythological king Sibi chased a white boar which hid inside an anthill. When he inquired about this to the saint Markandeya who was performing penance here, the saint advised him to pour milk on the anthill. The king did so and discovered the idol of Lord Vishnu. The Lord appeared and ordered him to build the temple. The king brought 3700 families of Vaishnavite Brahmins from the banks of Yamuna and Ganges and settled them here before building this temple as per the advice of sage Markandeya. When one of the Brahmins passed away, Lord Vishnu took the form of Brahmin and helped the king.

As per another legend, Goddess Lakshmi did penance here for union with the Lord. The Lord appeared as Krishna from a well named as ‘Ponkinaru’. It hapenned even before he took the incarnation of Lord Krishna.

Another legend claims that the saint Markandeya, as per the advice of Lord Shiva, worshiped Lord Pundarikakshan in this temple and got moksha (the salvation).

Pundarikaashan deity is the oldest in South India.

The temple is considered the oldest of the Vaishnavaite temples of South. It is older than Srirangam which was built during Rama’s period, whereas this temple was built by Sibhi, 4 generations older forefather of Rama. Hence the name Aadhi Vellarai. According to the Puranas, 64 `Chathuryugas’ (the present Kaliyuga being one of them) have passed since the Lord enshrined here.

Main Deity: Perumal Pundarikaashan, east facing, standing posture
Goddess: Shenbagavalli, also called as Periya Piraattiyaar Lakshmi Devi. Seperate sannadhi for Thaayar. Utsavar thaayar is named as Pangajavalli. Mangalasasanam: Periyalwar – 11, Thirumangai Alwar – 13, a total of 14 Paasurams. Perialwar – 71, 192 – 201, Thirumangaialwar – 1368-77, 1851, 2673, 2674

Called as Swetagiri in Sanskrit. Vellarai and Swetagiri mean hillock of white rock. There is another entrance referred as the "Naazhi Kettan Vayil". It is believed that Lord Vishnu was interpreted and questioned by his consort Lakshmi upon his returning home late.

Legend:

As per the legend, the mythological king Sibi chased a white boar which hid inside an anthill. When he inquired about this to the saint Markandeya who was performing penance here, the saint advised him to pour milk on the anthill. The king did so and discovered the idol of Lord Vishnu. The Lord appeared and ordered him to build the temple. The king brought 3700 families of Vaishnavite Brahmins from the banks of Yamuna and Ganges and settled them here before building this temple as per the advice of sage Markandeya. When one of the Brahmins passed away, Lord Vishnu took the form of Brahmin and helped the king.

As per another legend, Goddess Lakshmi did penance here for union with the Lord. The Lord appeared as Krishna from a well named as 'Ponkinaru'. It hapenned even before he took the incarnation of Lord Krishna.

Another legend claims that the saint Markandeya, as per the advice of Lord Shiva, worshiped Lord Pundarikakshan in this temple and got moksha (the salvation).
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Temple


हम जैसे हिंदूवादी लोग जब भी इस्लाम या इस्लामी जेहाद के खिलाफ अपनी आवाज उठाते हैं तो.... मुस्लिम तो छोड़िये , हमारे अपने दूषित प्रजाति के हिन्दू (सेक्यूलर)  ही.... तुरंत अपना विधवा प्रलाप प्रारम्भ कर देते हैं..

और, हमें समझाते हैं कि... आखिर मुस्लिमों ने आपका क्या बिगाड़ा है...???????

सिर्फ इतना ही नहीं..... बल्कि,  अपने गलत-सही तर्कों के साथ.... हम जैसों को  यह भी  समझाने का प्रयास करते हैं कि....

और, सभी धर्म एक समान... एवं,  सभी के ईश्वर एक ही  है ....

तथा , सिर्फ हम सबमे उन्हें अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है और...... सिर्फ , हमारे पूजा करने की पद्धति में अंतर है....!

मनहूस सेक्यूलरों और मानवतावादियों की ऐसी ढकोसला भरी बातें सुनते ही मेरे तनबदन में आग जाती है.....

क्योंकि, यह कोरी बकवास है कि.... सभी धर्म एक समान है...!

मैं ऐसे मानवतावादियों और मनहूस सेक्यूलरों से .... सिर्फ एक मासूम सा सवाल करना चाहता हूँ कि.....

अगर भगवान एक हैं ,,,,,,,,,,,,,,तो............ मंदिर और  गुरुद्वारा तोड़-तोड़ कर ..........वहां  मस्जिद क्यों बनाये जाते रहे हैं ........?????

और.... अपनी बातों के सारे प्रमाण आज मैं साथ ही लेकर आ गया हूँ..... ताकि, इन प्रमाणों को ऐसे मानवतावादियों और मनहूस सेक्यूलरों के मुंह में ठूंसा जा सके....!

इस्लाम के जिहादियों ने.... अपने प्रमुख मस्जिदों का निर्माण कैसे किया है ..... आप इस साइट पर देख सकते हैं.....

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Conversion_of_non-Muslim_places_of_worship_into_mosques

कांग्रेस ने हमारी इतिहास के किताबो से इस तरह खिलवाड़ किया है कि ... आज खुद  हिंदू भी कहते दिख जाते हैं कि .... कुछेक मंदिरों को ही तोडा गया होगा....

जबकि... अपने स्थापना से ही मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाने की परंपरा .. इस्लाम में रही है....

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Negationism_in_India_–_Concealing_the_Record_of_Islam

अयोध्या में बाबरी मस्जिद बनाने का वादा करने वाला महा सेक्यूलर केजरीवाल इस बात पर आज  क्यों खामोश हैं ...??????

मुसलमानों और तुर्क लुटेरों ने हम हिंदुओ पर 1146 साल तक राज किया है...... और,   इस दौरान मुसलमानों ने करोडो मासूम हिंदुओ का कत्लेआम किया, करोडो हिंदुओ का धर्मपरिवर्तन कर उन्हें मुसलमान बनाया,,,,,तथा,  हजारों हिंदू-जैन-बौद्ध मंदिरों कों मस्जिदों में तबदील कर दिया !

और.... आज भी सिर्फ भारत में ही करीब 2000 हिंदू - बौद्ध मंदिरों की जगह आज भी मस्जिदे खड़ी है !

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Hindu_Temples_-_What_Happened_to_Them

प्रमाण : http://ajitvadakayil.blogspot.in/2011/07/unquantified-holocaust-and-genocide.html

जिनमे से कुछ प्रमुख एवं प्रसिद्ध मंदिरों के विवरण कुछ इस प्रकार है......

1. बनारस के काशी विश्वनाथ शिव मंदिर की मूल जगह पर आज भी ज्ञानवापी  मस्जिद खड़ी है ।

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Kashi_Vishwanath_Temple

प्रमाण : http://khabar.ibnlive.in.com/latest-news/news/-181291.html?ref=hindi.in.com

2. अयोध्या के राम मंदिर की जगह इस्लामी मुग़ल सम्राट बाबर ने बनायीं थी बाबरी मस्जिद ।

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Babri_Mosque

प्रमाण : http://www.rediff.com/news/2003/aug/25ayo1.htm

3. भोजशाला के सरस्वती मंदिर कों अलाउद्दीन खिलजी ने कमाल मौला मस्जिद में तबदील किया ।

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Bhoj_Shala

4. मथुरा के कृष्ण मंदिर कों महमूद गज़नवी ने तोडा, औरंगजेब की बनायीं मस्जिद पड़ोस में आज भी है ।

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Mathura_temple

प्रमाण : http://www.thenational.ae/news/world/south-asia/hindus-in-india-claim-two-more-mosques
http://back2godhead.com/vrndavana-land-of-no-return-part-2/

5. गुजरात के सोमनाथ मंदिर कों मोहम्मद घोरी ने ध्वस्त किया, औरंगजेब ने वहा मस्जिद बनायीं ।

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Somnath

6. इंडोनेशिया की मेनारा कुदुस मस्जिद हिंदू बौद्ध मंदिर की जगह बनायीं गयी है ।

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Menara_Kudus_Mosque
http://tinyurl.com/m69yn47

क्या इतने सबूतों के बाद भी किसी सेक्यूलर और मानवतावादियों को कुछ कहना है....??????????

याद रखें कि.....

इसी नपुंसकता और  सेक्युलरिजम के कारण.................... ई.711 से 1857 तक........ यानी, लगभग  1146 साल ....... हिन्दुओं ने  मुसलमानों की गुलामी की है....!

और,  बाद में ब्रिटिशो गुलामी करने पर विवश हो गए....!

ऐसे लोग शायद एक बात भूल रहे हैं कि..... जो समाज इतिहास से कोई सीख नहीं लेता है .....

वो खुद इतिहास बन जाता  है....!

इसीलिए... मर्जी है आपकी.....

क्योंकि... देश और धर्म है आपका .....!

जय महाकाल...!!!

हम जैसे हिंदूवादी लोग जब भी इस्लाम या इस्लामी जेहाद के खिलाफ अपनी आवाज उठाते हैं तो…. मुस्लिम तो छोड़िये , हमारे अपने दूषित प्रजाति के हिन्दू (सेक्यूलर) ही…. तुरंत अपना विधवा प्रलाप प्रारम्भ कर देते हैं..

और, हमें समझाते हैं कि… आखिर मुस्लिमों ने आपका क्या बिगाड़ा है…???????

सिर्फ इतना ही नहीं….. बल्कि, अपने गलत-सही तर्कों के साथ…. हम जैसों को यह भी समझाने का प्रयास करते हैं कि….

और, सभी धर्म एक समान… एवं, सभी के ईश्वर एक ही है ….

तथा , सिर्फ हम सबमे उन्हें अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है और…… सिर्फ , हमारे पूजा करने की पद्धति में अंतर है….!

मनहूस सेक्यूलरों और मानवतावादियों की ऐसी ढकोसला भरी बातें सुनते ही मेरे तनबदन में आग जाती है…..

क्योंकि, यह कोरी बकवास है कि…. सभी धर्म एक समान है…!

मैं ऐसे मानवतावादियों और मनहूस सेक्यूलरों से …. सिर्फ एक मासूम सा सवाल करना चाहता हूँ कि…..

अगर भगवान एक हैं ,,,,,,,,,,,,,,तो………… मंदिर और गुरुद्वारा तोड़-तोड़ कर ……….वहां मस्जिद क्यों बनाये जाते रहे हैं ……..?????

और…. अपनी बातों के सारे प्रमाण आज मैं साथ ही लेकर आ गया हूँ….. ताकि, इन प्रमाणों को ऐसे मानवतावादियों और मनहूस सेक्यूलरों के मुंह में ठूंसा जा सके….!

इस्लाम के जिहादियों ने…. अपने प्रमुख मस्जिदों का निर्माण कैसे किया है ….. आप इस साइट पर देख सकते हैं…..

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Conversion_of_non-Muslim_places_of_worship_into_mosques

कांग्रेस ने हमारी इतिहास के किताबो से इस तरह खिलवाड़ किया है कि … आज खुद हिंदू भी कहते दिख जाते हैं कि …. कुछेक मंदिरों को ही तोडा गया होगा….

जबकि… अपने स्थापना से ही मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाने की परंपरा .. इस्लाम में रही है….

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Negationism_in_India_–_Concealing_the_Record_of_Islam

अयोध्या में बाबरी मस्जिद बनाने का वादा करने वाला महा सेक्यूलर केजरीवाल इस बात पर आज क्यों खामोश हैं …??????

मुसलमानों और तुर्क लुटेरों ने हम हिंदुओ पर 1146 साल तक राज किया है…… और, इस दौरान मुसलमानों ने करोडो मासूम हिंदुओ का कत्लेआम किया, करोडो हिंदुओ का धर्मपरिवर्तन कर उन्हें मुसलमान बनाया,,,,,तथा, हजारों हिंदू-जैन-बौद्ध मंदिरों कों मस्जिदों में तबदील कर दिया !

और…. आज भी सिर्फ भारत में ही करीब 2000 हिंदू – बौद्ध मंदिरों की जगह आज भी मस्जिदे खड़ी है !

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Hindu_Temples_-_What_Happened_to_Them

प्रमाण : http://ajitvadakayil.blogspot.in/2011/07/unquantified-holocaust-and-genocide.html

जिनमे से कुछ प्रमुख एवं प्रसिद्ध मंदिरों के विवरण कुछ इस प्रकार है……

1. बनारस के काशी विश्वनाथ शिव मंदिर की मूल जगह पर आज भी ज्ञानवापी मस्जिद खड़ी है ।

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Kashi_Vishwanath_Temple

प्रमाण : http://khabar.ibnlive.in.com/latest-news/news/-181291.html?ref=hindi.in.com

2. अयोध्या के राम मंदिर की जगह इस्लामी मुग़ल सम्राट बाबर ने बनायीं थी बाबरी मस्जिद ।

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Babri_Mosque

प्रमाण : http://www.rediff.com/news/2003/aug/25ayo1.htm

3. भोजशाला के सरस्वती मंदिर कों अलाउद्दीन खिलजी ने कमाल मौला मस्जिद में तबदील किया ।

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Bhoj_Shala

4. मथुरा के कृष्ण मंदिर कों महमूद गज़नवी ने तोडा, औरंगजेब की बनायीं मस्जिद पड़ोस में आज भी है ।

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Mathura_temple

प्रमाण : http://www.thenational.ae/news/world/south-asia/hindus-in-india-claim-two-more-mosques
http://back2godhead.com/vrndavana-land-of-no-return-part-2/

5. गुजरात के सोमनाथ मंदिर कों मोहम्मद घोरी ने ध्वस्त किया, औरंगजेब ने वहा मस्जिद बनायीं ।

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Somnath

6. इंडोनेशिया की मेनारा कुदुस मस्जिद हिंदू बौद्ध मंदिर की जगह बनायीं गयी है ।

प्रमाण : http://en.wikipedia.org/wiki/Menara_Kudus_Mosque
http://tinyurl.com/m69yn47

क्या इतने सबूतों के बाद भी किसी सेक्यूलर और मानवतावादियों को कुछ कहना है….??????????

याद रखें कि…..

इसी नपुंसकता और सेक्युलरिजम के कारण……………….. ई.711 से 1857 तक…….. यानी, लगभग 1146 साल ……. हिन्दुओं ने मुसलमानों की गुलामी की है….!

और, बाद में ब्रिटिशो गुलामी करने पर विवश हो गए….!

ऐसे लोग शायद एक बात भूल रहे हैं कि….. जो समाज इतिहास से कोई सीख नहीं लेता है …..

वो खुद इतिहास बन जाता है….!

इसीलिए… मर्जी है आपकी…..

क्योंकि… देश और धर्म है आपका …..!

जय महाकाल…!!!

Posted in भारत गौरव - Mera Bharat Mahan

Kedah Tamil Inscription ( Malaysia )


Kedah Tamil Inscription ( Malaysia )

In ancient Kedah there is an important and unmistakably Hindu settlement which has been known for about a century now from the discoveries reported by Col. Low and has recently been subjected to a fairly exhaustive investigation by Dr. Quaritch Wales. Dr. Wales investigated no fewer than thirty sites round about Kedah. The results attained show that this site was in continuous occupation by people who came under strong South Indian influences, Buddhist and Hindu, for centuries.

An inscribed stone bar, rectangular in shape, bears the ye-dharmma formula in South Indian characters of the 4th century AD, thus proclaiming the Budhist character of the shrine near the find-spot of which only the basement survives. It is inscribed on three faces in Pallava script, or Vatteluttu rounded writing of the 6th century AD, possibly earlier.

Kedah Tamil Inscription ( Malaysia )

In ancient Kedah there is an important and unmistakably Hindu settlement which has been known for about a century now from the discoveries reported by Col. Low and has recently been subjected to a fairly exhaustive investigation by Dr. Quaritch Wales. Dr. Wales investigated no fewer than thirty sites round about Kedah. The results attained show that this site was in continuous occupation by people who came under strong South Indian influences, Buddhist and Hindu, for centuries.

An inscribed stone bar, rectangular in shape, bears the ye-dharmma formula in South Indian characters of the 4th century AD, thus proclaiming the Budhist character of the shrine near the find-spot  of which only the basement survives. It is inscribed on three faces in Pallava script, or Vatteluttu rounded writing of the 6th century AD, possibly earlier.
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आर्यभटट ने पाई रेशो का मान 14 वीं शताब्दी में निकाला


आर्यभटट ने पाई रेशो का मान 14 वीं शताब्दी में निकाला कि पाई का मान 3.14159256 होता है आर्यभटीय के दूसरे भाग (गणितपाद 10) में, वे लिखते हैं:
चतुराधिकम सतमासअगु अमद्वासास इस्त्तथा सहस्रं अयुतादवायाविसकमभाष्यसन्नोवृत्तापरी अहा.
“१०० में चार जोड़ें, आठ से गुणा करें और फिर ६२००० जोड़ें. इस नियम से २०००० परिधि के एक वृत्त का व्यास ज्ञात किया जा सकता है. ”

इसके अनुसार व्यास और परिधि का अनुपात ((४ + १०० ) × ८ + ६२००० ) / २०००० = ३.१४१६ है,

दुनिया का सबसे बड़ा समय गणना तंत्र ये सब भी हमारी संस्कृति कि देन है

1 क्रति = सेकंड का ३४००० वा भाग
1त्रुति = सेकंड का ३०० वॉ भाग
2 त्रुति = 1 लव
2 लव = 1 क्षण
30 क्षण = विपल
60 विपल = 1 पल या निमिष
60 पल = 1 घडी (२४ मिनट )
2.5 घडी = 1 हीरा (घंटा )
24 हीरा = 1 दिवस ( दिन या वार )
7 दिवस = 1 सप्ताह
4 सप्ताह = 1 माह
2 माह = 1ऋतु
6 ऋतु = 1 वर्ष
100वर्ष = 1 शताब्दी
10 शताब्दी = 1 सह्शताब्दी
432 सह्शताब्दी = 1 युग
1 युग = कल युग
2 युग = द्वापुर युग
3 युग = त्रेता युग
2 युग = सतयुग
सतयुग + त्रेता युग + द्वापुर युग + कल युग = 1 महायुग
76 महायुग = 1 मनवन्तर
1000 महायुग = 1 कल्प
एक नियत प्रलय = १ महायुग ( धरती पर जीवन अन्त और फिर प्रारम्भ )
1 नैमितिका प्रलय = 1 कल्प (देवो का अंत और पुनर्जन्म )
1 महाप्रलय = ७३० कल्प ( ब्रह्मा का अन्त और पुनर्जन्म )

आर्यभटट ने पाई का मान ही नहीं बल्कि पृथ्वी कि गति का भी वर्णन किया है ।

इसका विवरण निम्न प्रकार से दिया :-

अनुलोमगतिनौंस्थ: पश्यत्यचलम्‌
विलोमंग यद्वत्‌।
अचलानि भानि तद्वत्‌ सम
पश्चिमगानि लंकायाम्‌॥
आर्यभट्टीय गोलपाद-९
अर्थात्‌
नाव में यात्रा करने वाला जिस प्रकार किनारे पर स्थिर रहने वाली चट्टान, पेड़ इत्यादि को विरुद्ध दिशा में भागते देखता है, उसी प्रकार अचल नक्षत्र लंका में सीधे पूर्व से पश्चिम की ओर सरकते देखे जा सकते हैं।

भ पंजर: स्थिरो भू रेवावृत्यावृत्य प्राति दैविसिकौ।
उदयास्तमयौ संपादयति नक्षत्रग्रहाणाम्‌॥
अर्थात्‌
तारा मंडल स्थिर है और पृथ्वी अपनी दैनिक घूमने की गति से नक्षत्रों तथा ग्रहों का उदय और अस्त करती है।

भूमि गोलाकार होने के कारण विविध नगरों में रेखांतर होने के कारण अलग-अलग स्थानों में अलग-अलग समय पर सूर्योदय व सूर्यास्त होते हैं। इसे आर्यभट्ट ने ज्ञात कर लिया था |

उदयो यो लंकायां सोस्तमय:
सवितुरेव सिद्धपुरे।
मध्याह्नो यवकोट्यां रोमक
विषयेऽर्धरात्र: स्यात्‌॥
(आर्यभट्टीय गोलपाद-१३)

अर्थात्‌
जब लंका में सूर्योदय होता है तब सिद्धपुर में सूर्यास्त हो जाता है। यवकोटि में मध्याह्न तथा रोमक प्रदेश में अर्धरात्रि होती है।

आर्यभट्ट ने सूर्य से विविध ग्रहों की दूरी के बारे में बताया है। वह आजकल के माप से मिलता-जुलता है।
आज पृथ्वी से सूर्य की दूरी लगभग 15 करोड़ किलोमीटर मानी जाती है। इसे AU ( Astronomical unit) कहा जाता है।

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A lake temple has a vegetarian crocodile


A lake temple has a vegetarian crocodile

by Juhan Samuel

Kochi: Believe it or not, there is a temple in Kerala that is guarded by a vegetarian crocodile. Babia, the crocodile, is said to be the local guardian and messenger of the temple. This is the main attraction and uniqueness of Kerala’s only lake temple, Ananthapura Lake Temple situated in the centre of the Ananthapura Lake, on a remote rocky hill in a calm isolated region. The Ananthapura Lake Temple (Sree Ananthapadmanabhaswamy Temple ) is a ninth century shrine in the northern most district of Kerala. Sree Padmanabha (Lord Vishnu, The Preserver) seated on the serpent god Adisesha is the presiding deity here. It is said that Babia has been living in the pond for the past 60 or more years and lives in a nearby cave. After the worship, the feed offered by devotees is given to Babia at noon. The meal is a kind of gruel made of rice and jaggery. Babia does not eat anything else and eats what is offered by the temple officials.

Temple authorities claim that the crocodile does not harm anyone, not even the fish in the lake. Ramachandra Bhatt, a trustee of the temple, said: “Babia is a total vegetarian and is feed daily after the noon worship conducted at the temple, it is given the prasads offered by the devotees and gruel which is prepared extra for Babia is feed like an elephant by putting to its mouth.” “We have a strong belief that this crocodile is a messenger of god and always alerts us when there is any unusual thing is going to happen in and around the temple premises,” he added. The legend goes that while the great mystic and devotee of Lord Vishnu Sree Vilvamangalathu Swami was doing penance, Lord Krishna in the form of a little boy kept disturbing his prayers. Irked by the behaviour of the child, the saint pushed Lord Krishna aside with his left hand. It was only after the boy disappeared into a nearby cave that the truth dawned on the saint. The crevice into which Krishna is said to have disappeared is still there. The crocodile guards the entrance and the shrine.

The legend goes that there is only one crocodile in the lake at a time. When one crocodile dies, another one appears in the lake. The sanctum sanctorum, surrounded by a rectangular lake, is another architectural wonder of this temple. Another unique feature of the temple is that the original idols in the sanctum sanctorum were not made of metal or stone, but of a rare combination of more than 70 medicinal materials called `kadu-sharkara-yogam.’ Although those idols were replaced by panchaloha metals in 1972, efforts are now on to reinstall the idols made with `kadu-sharkara-yogam.’ The lake temple is open to all visitors regardless of caste or creed. The District Promotion Council has plans to preserve the temple and its surroundings for its uniqueness.

A lake temple has a vegetarian crocodile

by Juhan Samuel 

Kochi: Believe it or not, there is a temple in Kerala that is guarded by a vegetarian crocodile. Babia, the crocodile, is said to be the local guardian and messenger of the temple. This is the main attraction and uniqueness of Kerala's only lake temple, Ananthapura Lake Temple situated in the centre of the Ananthapura Lake, on a remote rocky hill in a calm isolated region. The Ananthapura Lake Temple (Sree Ananthapadmanabhaswamy Temple ) is a ninth century shrine in the northern most district of Kerala. Sree Padmanabha (Lord Vishnu, The Preserver) seated on the serpent god Adisesha is the presiding deity here. It is said that Babia has been living in the pond for the past 60 or more years and lives in a nearby cave. After the worship, the feed offered by devotees is given to Babia at noon. The meal is a kind of gruel made of rice and jaggery. Babia does not eat anything else and eats what is offered by the temple officials.

     Temple authorities claim that the crocodile does not harm anyone, not even the fish in the lake. Ramachandra Bhatt, a trustee of the temple, said: "Babia is a total vegetarian and is feed daily after the noon worship conducted at the temple, it is given the prasads offered by the devotees and gruel which is prepared extra for Babia is feed like an elephant by putting to its mouth." "We have a strong belief that this crocodile is a messenger of god and always alerts us when there is any unusual thing is going to happen in and around the temple premises," he added. The legend goes that while the great mystic and devotee of Lord Vishnu Sree Vilvamangalathu Swami was doing penance, Lord Krishna in the form of a little boy kept disturbing his prayers. Irked by the behaviour of the child, the saint pushed Lord Krishna aside with his left hand. It was only after the boy disappeared into a nearby cave that the truth dawned on the saint. The crevice into which Krishna is said to have disappeared is still there. The crocodile guards the entrance and the shrine.

    The legend goes that there is only one crocodile in the lake at a time. When one crocodile dies, another one appears in the lake. The sanctum sanctorum, surrounded by a rectangular lake, is another architectural wonder of this temple. Another unique feature of the temple is that the original idols in the sanctum sanctorum were not made of metal or stone, but of a rare combination of more than 70 medicinal materials called `kadu-sharkara-yogam.' Although those idols were replaced by panchaloha metals in 1972, efforts are now on to reinstall the idols made with `kadu-sharkara-yogam.' The lake temple is open to all visitors regardless of caste or creed. The District Promotion Council has plans to preserve the temple and its surroundings for its uniqueness.