Posted in गौ माता - Gau maata

गौहत्या


मित्रो.... भारतीय फिल्म जगत के इतिहास में
पहली बार, गौहत्या के विषय पर बन
रही फिल्म "अहिंसा" जो कि , गाय
की रक्षा व सुरक्षा के प्रति एवं
गौहत्या जैसे क्रूर कुत्सित कुकर्म के
प्रति समाज मे जागरूकता फैलाती। इस
फिल्म को रोकने के लिए , कट्टर इस्लामिक
संघठन 'नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट(एन डी एफ) ,
पूरे प्रयास कर रहा है। इस संगठन का कहना है
कि -- 'गाय हिन्दुओ के लिए माता होगी,
हमारे लिए नहीं, गौभक्षण हमारे लिए हलाल
है, इसलिए ऐसी फिल्म
जो गौहत्या का विरोध करती हो , वो बने ,
हम नहीं चाहते ।

किन्तु इस फिल्म के समूह ने निर्णय किया है
कि -- अगर विरोधी मार्ग में पत्थर फेंकेंगे
तो हम उन्हे इकट्ठा करके , उन पर चढ़कर और
ऊंचा उठेंगे, इसलिए यह फिल्म "अहिंसा" , 20
जून को , पहले से भी अधिक सिनेमाघरों में
रिलीज होगी । अतः सभी हिन्दू भाई इस
फिल्म को समर्थन दे , व खबर को आगे बढ़ाये ।
जय गौमाता, जय गोविंद ।

क्या आप चाहते है यह फिल्म रिलिज ना हो ????

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मित्रो…. भारतीय फिल्म जगत के इतिहास में
पहली बार, गौहत्या के विषय पर बन
रही फिल्म “अहिंसा” जो कि , गाय
की रक्षा व सुरक्षा के प्रति एवं
गौहत्या जैसे क्रूर कुत्सित कुकर्म के
प्रति समाज मे जागरूकता फैलाती। इस
फिल्म को रोकने के लिए , कट्टर इस्लामिक
संघठन ‘नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट(एन डी एफ) ,
पूरे प्रयास कर रहा है। इस संगठन का कहना है
कि — ‘गाय हिन्दुओ के लिए माता होगी,
हमारे लिए नहीं, गौभक्षण हमारे लिए हलाल
है, इसलिए ऐसी फिल्म
जो गौहत्या का विरोध करती हो , वो बने ,
हम नहीं चाहते ।

किन्तु इस फिल्म के समूह ने निर्णय किया है
कि — अगर विरोधी मार्ग में पत्थर फेंकेंगे
तो हम उन्हे इकट्ठा करके , उन पर चढ़कर और
ऊंचा उठेंगे, इसलिए यह फिल्म “अहिंसा” , 20
जून को , पहले से भी अधिक सिनेमाघरों में
रिलीज होगी । अतः सभी हिन्दू भाई इस
फिल्म को समर्थन दे , व खबर को आगे बढ़ाये ।
जय गौमाता, जय गोविंद ।

क्या आप चाहते है यह फिल्म रिलिज ना हो ????

Posted in श्रीमद्‍भगवद्‍गीता

Bhagavad gita


vāsāṁsi jīrṇāni yathā vihāya
navāni gṛhṇāti naro ’parāṇi
tathā śarīrāṇi vihāya jīrṇāny
anyāni saṁyāti navāni dehī (Bhagavad gita 2.22)

As a person puts on new garments, giving up old ones, the soul similarly accepts new material bodies, giving up the old and useless ones.

Ramanuja’s Commentary

We learn from the Vedic scriptures that those who lose their physical bodies fighting for righteousness receive superior physical bodies in heavenly spheres of blessedness. Such a transition can be compared to discarding old, used, worn out clothes and attiring oneself in fresh, new raiment. So from another angle of vision it is being confirmed that the eternal soul is indestructible changing its embodied form for another when the physical body perishes. Now in the next verse some examples are emphasised to give a more developed and comprehensive understanding of this indestructibility in the next verse.

vāsāṁsi jīrṇāni yathā vihāya
navāni gṛhṇāti naro ’parāṇi
tathā śarīrāṇi vihāya jīrṇāny
anyāni saṁyāti navāni dehī (Bhagavad gita 2.22)

As a person puts on new garments, giving up old ones, the soul similarly accepts new material bodies, giving up the old and useless ones.

Ramanuja's Commentary

We learn from the Vedic scriptures that those who lose their physical bodies fighting for righteousness receive superior physical bodies in heavenly spheres of blessedness. Such a transition can be compared to discarding old, used, worn out clothes and attiring oneself in fresh, new raiment. So from another angle of vision it is being confirmed that the eternal soul is indestructible changing its embodied form for another when the physical body perishes. Now in the next verse some examples are emphasised to give a more developed and comprehensive understanding of this indestructibility in the next verse.