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अगर भारत का इस्लामीकरण हुआ तो क्या होगा


अगर भारत का इस्लामीकरण हुआ तो क्या होगा ?
1.सारे हिंदू उद्योगपतियों की संपत्तिया जब्त कर ली जायेंगी | मलेशिया लेबनान में ऐसा ही हुआ, हिंदू (मुशिरिक यानि मूर्तिपूजक) की संपत्ति पर मोमिन यानि ईमान लेन वाले मुस्लमान का अधिकार हैं ये अल्लाह का फरमान हैं |

2. आपकी (सेक्युलर वर्ग की) लड़किया, बहने, माताये कभी ना कभी मुसलमानों के बिस्तर गर्म करने को मजबूर होंगी क्यों की आप कब तक बच पाएंगे | और गाँधी वादी तो तब भी होगे जो गाँधी जी के शब्द दोहराएंगे जो उन्होंने कहे थे एक मा से उसकी लड़की का मुसलमानों द्वारा बलात्कार करने पर “तो क्या हुआ, वो तुम्हारी लड़की को कुछ दे कर तो गए ले तो नहीं गए |”

3. सेक्युलर वर्ग तो हो सकता हैं मुफ्त कंडोम बाटे मुसलमानों को | ताकि उनकी बीवियो बेटियों बहनों को मुसलमानों द्वारा कम दिक्कत हो और उनके मुस्लिम भाइयो का सम्मान भी रह जाए |

4. कोई भी हिंदू किसी भी सरकारी व्यवस्था में बड़े ओहदे पर नहीं रह पायेगा | वही मुग़ल काल का नियम लगेगा |

5. हिंदू अपने धर्म पर जिज्या दे रहे होंगे | याने हिंदू बने रहने के ली कर भर रहे होंगे | कुरान ९:२९ में साफ़ आदेश हैं पर हमें तब भी ऐसा वर्ग मिलेगा जो सिर्फ कुछ मुसलमानों को इसके ली दोषी ठहराएगा |

6. हिन्दुओ के १ से अधिक बच्चे पैदा करने पर रोक भी लग सकती हैं | क्यों की आबादी सबसे बड़ा हथियार हैं |

7. हिन्दुओ को ज़मीन खरीदने की इज्जाजत नहीं होगी, कश्मीर में धारा ३७० की वजह से हम आज भी बस नहीं सकते |

8. हिन्दुओ के सार्वजानिक सभी धर्म स्थल तोड़ दिए जायेंगे | उनको सार्वजनिक स्थान पर पूजा करने पर कड़े से कड़ा दंड भी हो सकता हैं | आपने वो डॉक्टर ज़ाकिर नायक का विडियो तो देखा ही होगा |

9. हिन्दुवादी सभी संगठनो को खत्म कर दिया जाएगा | हिंदू संगठित ना हो सके ऐसा हर संभव प्रयास किया जाएगा | केरल और कश्मीर प्रत्यक्ष उदहारण हैं |

10. देश से लोकतंत्र एक दो बार के चुनाव में ही खत्म हो जाएगा | या चुनाव प्रणाली हो पर काफिरो यानी हम हिन्दुओ का मताधिकार ही खत्म कर दिया जाए |

11. किसी हिंदू के ली कोई मनवाधिकार नहीं रह जाएगा | हिंदू लड़की के साथ बलात्कार , हिंदू के घर चोरी डकैती या हत्या का कोई मुकदमा नहीं दर्ज होगा |

12. सेना पुलिस प्रशासनिक सेवाए हर महत्वपूर्ण ओहदों से हिन्दुओ को हटा दिया जाएगा | हां वैज्ञानिक पदों से नहीं हटा पाएंगे क्यों की मुस्लिम वैज्ञानिक तो पैदा कर नहीं पाएंगे |

13. देश में सिर्फ हिन्दुओ पर ही अत्याचार नहीं हो रहे होंगे सिख इसाई (पूर्वोत्तर भारत के छोड के) कमुनिस्ट जैन बौद्ध दालित सभी का खात्मा हो रहा होगा | यहाँ तक की इस्लामिक शाखाओ शियाओ बरेलवियो, अहमदिया इस्माइलो का भी खात्मा हो रहा होगा |

14. देश में कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी होगी और अभी का जंगल राज हमें तब स्वर्ग सा लगेगा | देश तबाह हो चुका होगा और जल्द ही किसी इस्लामिक अफ़्रीकी देश के स्तर पर पहुच जाएगा |

15. भारत, हिंदू, पंथ-निरपेक्षता सिर्फ सपनो के शब्द रह जायेंगे | देश का अस्तित्व उसकी सांस्कृतिक पहचान खत्म हो चुकी होगी क्यों की हिंदुत्व यानी वैदिक धर्म से ही हैं |

ऐसे वक्त में फिर कोई शिवा पैदा होगा, सांगा होगा, राणा प्रताप होगा, वीर हेमू, क्षत्रशाल, गोविन्द सिंह और बंदा वैरागी जैसे योद्धा निकल के आयेंगे | ये लोंग तो सदैव से हैं सदैव रहेंगे पर नहीं रहेगा आज जितना विशाल भारत जो थोडा बहुत देश बचा पायेंगे वो भी लाशो के ढेर पर होगा | ये सब रुक सकता हैं अगर हम समय रहते भारत को वैदिक राष्ट्र/आर्य राष्ट्र /हिंदू राष्ट्र बना ले

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यहूदी – मेरे पास इजराईल है…..
.
ईसाई – मेरे पास बेथलेहम है…….
.
मुस्लिम – मेरे पास मक्का है……..

. बौद्ध- मेरे पास लुम्बिनी है……
.
सिख – मेरे पास ननकाना है………

.
हिन्दू – मेरे पास राम जन्मभूमि नहीं है…

मेरे पास कृष्ण जन्मभूमि नहीं है …….
.
मेरे पास कैलाश भी नहीं है…

डूब मरो सब के सब हिन्दू जिनका अपने ही
राष्ट्र में रहते हुए
अपने इष्ट की जनम भुमी पे
भी अधिकार नहीं है
कौन से मुह से खुद को हिन्दू कहते हो सब
याद रखो जो धर्म का साथ नहीं देता धर्म उसका साथ
नहीं देता
सिर्फ
“”मंदिर की घंटी बजाने से सिर्फ कोई
हिन्दू, हिन्दू
नहीं होता .
हिन्दू वो होता है जो हिन्दू हित
की तरफ
तिरशी नजर से देखने वाले को वहीँ के
वहीँ ठोक देता है””
. जगाओ अपने अन्दर मरी हुई हिन्दू
आत्माओं को
कब तक धरम निरपेक्षता के नाम पे खुद
की कायरता छुपाते रहोगे
हिन्दू हो तो खुद के हिन्दू होने का प्रमाण
भी दो नहीं तो तुम्हरी आने
वाली पीड़ियों के पास खुद की पहचान
बताने के लिए कुछ भी नहीं बचेगा
…….जय श्री राम……..
………….जय महाकाल…………

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Hindu Rashtra Nirman


India: BJP leader Subramanian Swamy, on Tuesday suggested that the government should take up restoring names of cities to their ‪#‎ancient‬‪#‎Hindu‬ versions !

** Please avoid use of any Foul language so as to continuously maintain the Sattvikta of this Forum **

According to reports, in 1990 and 2001, the BJP had proposed that‪#‎Ahmedabad‬ be renamed “‪#‎Karnavati‬”. Similar demands have also been made for renaming Allahabad as ‪#‎Prayag‬, Bhopal as Bhopjal and Jabalpur as Jabalipuram …

Due to lack of pride for Hindu ‪#‎Dharma‬; It takes so many years to restore names of cities to their ancient versions ! See more:http://forumforhinduawakening.org/dharma/news/2014/05/31/rename-ahmedabad-karnavati-allahabad-prayag-swamy-government/

 

There was a large section in the country that dreamt of the return of our lost rule !
FORUMFORHINDUAWAKENING.ORG
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Last year in Delhi, a man who raped a 15 year old was let scot free by the sessions court citing sharia laws (http://www.indianexpress.com/news/delhi-court-cites-mahomedan-law-to-absolve-man-of-raping-minor/1151405/).
If we allow sharia laws to continue, we’ll have a mini Pakistan in our own country…or maybe there already is.

Article 44 of the Indian Constitution enshrines the directive principle that the state shall endeavor to secure for the citizens a uniform Civil Codethroughout the territory of India.
A uniform civil code means that all citizens of India have to follow the same laws irrespective of their religion. It’s therefore the cornerstone of the fabric of modern secular society.

The non-implementation of the provision contained in Article 44 amounts to a grave failure of Indian democracy and the sooner we take suitable action in the matter the better.

But this is the hypocrisy of so called seculars :They’ll make tall claims as to how worried they are about any development that may lead to a divide between different communities in our country.
However, ask them to support a Uniform Civil Code and her/his secularism goes out the window.

Last year in Delhi, a man who raped a 15 year old was let scot free by the sessions court citing sharia laws (http://www.indianexpress.com/news/delhi-court-cites-mahomedan-law-to-absolve-man-of-raping-minor/1151405/).
If we allow sharia laws to continue, we'll have a mini Pakistan in our own country...or maybe there already is.

Article 44 of the Indian Constitution enshrines the directive principle that the state shall endeavor to secure for the citizens a uniform Civil Code throughout the territory of India.
A uniform civil code means that all citizens of India have to follow the same laws irrespective of their religion. It's therefore the cornerstone of the fabric of modern secular society.

The non-implementation of the provision contained in Article 44 amounts to a grave failure of Indian democracy and the sooner we take suitable action in the matter the better.

But this is the hypocrisy of so called seculars :They'll make tall claims as to how worried they are about any development that may lead to a divide between different communities in our country.
However, ask them to support a Uniform Civil Code and her/his secularism goes out the window.
Posted in छोटी कहानिया - १०,००० से ज्यादा रोचक और प्रेरणात्मक

एक अमीर आदमी था।


एक अमीर आदमी था। उसने समुद्र मेँ अकेले
घूमने के लिए एक
नाव बनवाई।
छुट्टी के दिन वह नाव लेकर समुद्र
की सेर करने निकला।
आधे समुद्र तक पहुंचा ही था कि अचानक
एक जोरदार
तुफान आया।

उसकी नाव पुरी तरह से तहस-नहस
हो गई लेकिन वह
लाईफ जैकेट की मदद से समुद्र मेँ कूद
गया।
जब तूफान शांत हुआ तब वह
तैरता तैरता एक टापू पर
पहुंचा लेकिन वहाँ भी कोई नही था।
टापू के चारो और समुद्र के अलावा कुछ
भी नजर नही आ
रहा था।
उस आदमी ने सोचा कि जब मैंने
पूरी जिदंगी मेँ
किसी का कभी भी बुरा नही किया तो मे
साथ ऐसा क्यूँ
हुआ..?
उस आदमी को लगा कि भगवान ने मौत से
बचाया तो आगे
का रास्ता भी भगवान ही बताएगा।
धीरे धीरे वह वहाँ पर उगे झाड-पत्ते
खाकर दिन बिताने
लगा।
अब धीरे-धीरे उसकी श्रध्दा टूटने लगी,
भगवान पर से
उसका विश्वास उठ गया।
उसको लगा कि इस दुनिया मेँ भगवान है
ही नही।
फिर उसने सोचा कि अब
पूरी जिंदगी यही इस टापू पर
ही बितानी है तो क्यूँ ना एक
झोपडी बना लूँ ……?
फिर उसने झाड की डालियो और पत्तो से
एक
छोटी सी झोपडी बनाई।
उसने मन ही मन कहा कि आज से झोपडी मेँ
सोने
को मिलेगा आज से बाहर
नही सोना पडेगा।
रात हुई ही थी कि अचानक मौसम बदला
बिजलियाँ जोर जोर से कड़कने लगी.!
तभी अचानक एक बिजली उस झोपडी पर
आ गिरी और
झोपडी धधकते हुए जलने लगी।
यह देखकर वह आदमी टूट गया आसमान
की तरफ देखकर
बोला
तू भगवान नही, राक्षस है।
तुझमे दया जैसा कुछ है ही नही
तू बहुत क्रूर है।
वह व्यक्ति हताश होकर सर पर हाथ
रखकर रो रहा था।
कि अचानक एक नाव टापू के पास आई।
नाव से उतरकर
दो आदमी बाहर आये और बोले कि हम तुमे
बचाने आये हैं।
दूर से इस वीरान टापू मे जलता हुआ
झोपडा देखा तो लगा कि कोई उस टापू
पर मुसीबत मेँ है।
अगर तुम अपनी झोपडी नही जलाते
तो हमे
पता नही चलता कि टापू पर कोई है।
उस आदमी की आँखो से आँसू गिरने लगे।
उसने ईश्वर से माफी माँगी और
बोला कि मुझे
क्या पता कि आपने मुझे बचाने के लिए
मेरी झोपडी जलाई
थी।
Posted in Tejomahal

ताजमहल वास्तव में शिव मंदिर है


ताजमहल वास्तव में
शिव मंदिर है जिसका असली नाम
तेजोमहालय है।
श्री पी.एन. ओक साहब को उस इतिहास
कार के रूप मे
जाना जाता है तो भारत के विकृत
इतिहास को पुर्नोत्थान
और सही दिशा में ले जाने का किया है।
मुगलो और अग्रेजो
के समय मे जिस प्रकार भारत के इतिहास
के साथ जिस
प्रकार छेड़छाड की गई और आज वर्तमान
तक मे की जा रही है।
1. शाहज़हां और यहां तक कि औरंगज़ेब के
शासनकाल तक में
भी कभी भी किसी शाही दस्तावेज एवं
अखबार आदि में ताजमहल शब्द का उल्लेख
नहीं आया है। ताजमहल को ताज-ए-महल
समझना हास्यास्पद है।
2. शब्द ताजमहल के अंत में आये ‘महल’
मुस्लिम शब्द है ही नहीं, अफगानिस्तान से
लेकर अल्जीरिया तक किसी भी मुस्लिम
देश में एक भी ऐसी इमारत नहीं है जिसे
कि महल के नाम से पुकारा जाता हो।
3. साधारणतः समझा जाता है
कि ताजमहल नाम मुमताजमहल,
जो कि वहां पर दफनाई गई थी, के कारण
पड़ा है। यह बात कम से कम दो कारणों से
तर्कसम्मत नहीं है – पहला यह
कि शाहजहां के बेगम का नाम मुमताजमहल
था ही नहीं, उसका नाम मुमताज़-उल-ज़मा
नी था और दूसरा यह कि किसी इमारत
का नाम रखने के लिय मुमताज़ नामक औरत
के नाम से “मुम” को हटा देने का कुछ मतलब
नहीं निकलता।
4. चूँकि महिला का नाम मुमताज़
था जो कि ज़ अक्षर मे समाप्त होता है न
कि ज में (अंग्रेजी का Z न कि J), भवन
का नाम में भी ताज के स्थान पर ताज़
होना चाहिये था (अर्थात्
यदि अंग्रेजी में लिखें तो Taj के स्थान पर
Taz होना था)।
5. शाहज़हां के समय यूरोपीय देशों से आने
वाले कई लोगों ने भवन का उल्लेख ‘ताज-ए-
महल’ के नाम से किया है जो कि उसके शिव
मंदिर वाले परंपरागत संस्कृत नाम
तेजोमहालय से मेल खाता है। इसके विरुद्ध
शाहज़हां और औरंगज़ेब ने बड़ी सावधानी के
साथ संस्कृत से मेल खाते इस शब्द
का कहीं पर भी प्रयोग न करते हुये उसके
स्थान पर पवित्र मकब़रा शब्द
का ही प्रयोग किया है।
6. मकब़रे को कब्रगाह
ही समझना चाहिये, न कि महल। इस
प्रकार से समझने से यह सत्य अपने आप समझ
में आ जायेगा कि कि हुमायुँ, अकबर,
मुमताज़, एतमातुद्दौला और सफ़दरजंग जैसे
सारे शाही और दरबारी लोगों को हिंदू
महलों या मंदिरों में दफ़नाया गया है।
7. और यदि ताज का अर्थ कब्रिस्तान है
तो उसके साथ महल शब्द जोड़ने का कोई
तुक ही नहीं है।
8. चूँकि ताजमहल शब्द का प्रयोग मुग़ल
दरबारों में
कभी किया ही नहीं जाता था, ताजमहल
के विषय में किसी प्रकार की मुग़ल
व्याख्या ढूंढना ही असंगत है। ‘ताज’ और
‘महल’ दोनों ही संस्कृत मूल के शब्द हैं।
फिर उन्होने इसको मंदिर कहे जाने
की बातो को तर्कसंगत तरीके से
बताया है (क्रम संख्या 9 से 17 तक)
9. ताजमहल शिव मंदिर को इंगित करने
वाले शब्द तेजोमहालय शब्द का अपभ्रंश
है। तेजोमहालय मंदिर में अग्रेश्वर महादेव
प्रतिष्ठित थे।
10. संगमरमर की सीढ़ियाँ चढ़ने के पहले
जूते उतारने की परंपरा शाहज़हां के समय
से भी पहले की थी जब ताज शिव मंदिर
था। यदि ताज का निर्माण मक़बरे के रूप
में हुआ होता तो जूते उतारने
की आवश्यकता ही नहीं होती क्योंकि किसी मक़बरे
में जाने के लिये जूता उतारना अनिवार्य
नहीं होता।
11. देखने वालों ने अवलोकन
किया होगा कि तहखाने के अंदर कब्र
वाले कमरे में केवल सफेद संगमरमर के पत्थर
लगे हैं जबकि अटारी व कब्रों वाले कमरे में
पुष्प लता आदि से चित्रित
पच्चीकारी की गई है। इससे साफ जाहिर
होता है कि मुमताज़ के मक़बरे
वाला कमरा ही शिव मंदिर का गर्भगृह
है।
12. संगमरमर की जाली में 108 कलश
चित्रित उसके ऊपर 108 कलश आरूढ़ हैं, हिंदू
मंदिर परंपरा में 108
की संख्या को पवित्र माना जाता है।
13. ताजमहल के रख-रखाव तथा मरम्मत
करने वाले ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने
कि प्राचीन पवित्र शिव लिंग तथा अन्य
मूर्तियों को चौड़ी दीवारों के बीच
दबा हुआ और संगमरमर वाले तहखाने के नीचे
की मंजिलों के लाल पत्थरों वाले गुप्त
कक्षों, जिन्हें कि बंद (seal) कर
दिया गया है, के भीतर देखा है।
14. भारतवर्ष में 12 ज्योतिर्लिंग है।
ऐसा प्रतीत होता है कि तेजोमहालय
उर्फ ताजमहल उनमें से एक है जिसे
कि नागनाथेश्वर के नाम से
जाना जाता था क्योंकि उसके
जलहरी को नाग के द्वारा लपेटा हुआ
जैसा बनाया गया था। जब से शाहज़हां ने
उस पर कब्ज़ा किया, उसकी पवित्रता और
हिंदुत्व समाप्त हो गई।
15.
वास्तुकला की विश्वकर्मा वास्तुशास्त्र
नामक प्रसिद्ध ग्रंथ में शिवलिंगों में ‘तेज-
लिंग’ का वर्णन आता है। ताजमहल में ‘तेज-
लिंग’ प्रतिष्ठित था इसीलिये
उसका नाम तेजोमहालय पड़ा था।
16. आगरा नगर, जहां पर ताजमहल स्थित
है, एक प्राचीन शिव पूजा केन्द्र है।
यहां के
धर्मावलम्बी निवासियों की सदियों से
दिन में पाँच शिव मंदिरों में जाकर दर्शन
व पूजन करने की परंपरा रही है विशेषकर
श्रावन के महीने में। पिछले कुछ सदियों से
यहां के भक्तजनों को बालकेश्वर,
पृथ्वीनाथ, मनकामेश्वर और राजराजेश्वर
नामक केवल चार ही शिव मंदिरों में
दर्शन-पूजन उपलब्ध हो पा रही है। वे
अपने पाँचवे शिव मंदिर को खो चुके हैं
जहां जाकर उनके पूर्वज पूजा पाठ
किया करते थे। स्पष्टतः वह
पाँचवाँ शिवमंदिर आगरा के इष्टदेव
नागराज अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर
ही है जो कि तेजोमहालय मंदिर उर्फ
ताजमहल में प्रतिष्ठित थे।

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Converted is most dangerious


जय श्री राम दोस्तों.

दोस्तों कल से देख रहा हूं की एक क्रिचियन बंदा लख्मन जोनसन की एक तश्वीर जिस पर उस ने शिव लिंग के ऊपर पांव रक्खा हुआ है उसे हाल ही की तश्वीर कह खूब ज़ोरशोर से लोग शेयर कर रहे हैं और आज तो हद्द ही कर दी जब कुछ लोगों ने एक आसाम के लडके की तश्वीर (SFI activist) जो आसाम के मुख्यमन्त्री के सामने प्रदर्शन कर रहा है, उसे उठा लिया और ये कहने लगे कि ‘ये जोनसन की तश्वीर है और क्युं की हम ने फ़ेसबूक पर ये मुद्दा ज़ोरशोर से उठाया इसलिये पोलिस ने इसे गिरफ़्तार भी कर लिया है’ (http://photogallery.indiatimes.com/news/events/best-pictures-of-the-day-1st-november-2013/articleshow/25071263.cms)

चलिये दोस्तों अब आप को हम बताते हैं कि असल मैं मुद्दा क्या था… ये जोनसोन आंध्र प्रदेश के तिरुपती शहर से है और मुंबैइ मैं काम करता था.

घटना जुलाई २०१२ की है, जब लख्मन जोन्सन नाम का ये लड्का, जो हिंदू धर्म से परिवर्तित हो कर क्रिस्चिअन हो चूका है, इस ने शिव लिंग पर पांव रख कर फोटो उठायी है और इसे फ़ेसबूक पर डाल दिया. ये लड्का अपने आप को “Son of jesus” कहता है, लेकिन हम हिंदू भाई लोग इस का ये कारनामा देख कर इसे कुत्ते का बच्चा कहते हैं. आप खुद ही बताइये कि अब कौन इशा मसीह का तुलना कुत्ते से कर रहा है? क्या अब कोई कह सकता है की हिंदुओं ने, इस “son of jesus” को कुत्ते का बच्चा कह कर कोई अपराध किया?

भारत मैं धर्म परिवर्तन कर के हिंदु से क्रिस्चीयन बनना एक हिंदूओं के प्रती एक नफ़रत की वीचार धारा को आगे बढाना है. और आप को धर्म परिवर्तन कर के क्रिस्चियन होने के लिये कोई अच्छे काम करने कि ज़रूरत नहीं और न ही कोई आप को अच्छे इंसान होने की ज़रूरत है न ही किसी खास योग्यता कि ज़रूरत है. ज़रूरत है तो सिर्फ़ हिंदुओं से नफ़रत करने की और मुर्ती पूजा के वीरोध करने की और हिंदू धार्मिक चिंहों को अपमानित करने की ..

जब २०१२ मैं सोसिअल मिडिया मैं ये मामला ज़ोरशोर से तुल पकडा और जगह जगह प्रदर्शन किये गये और बहूत से राज्यों मैं जोनसोन के खिलाफ़ मुक़दमा दायर किया गया. कुछ हिंदू संगठनो ने जुलाई २५-२०१२ SSP OFFICE तक मार्च निकाला और लिखित शिक़ायत दे कर जल्द से जल्द कारवायी करने की मांग की और कुछ दिनों के बाद क्राईम ब्रांच डेपुटी सुपरिटेन्डेंट ओफ़ पोलिस ने बताया की जोन्सोन को IPC धारा २९५ (क) (Deliberate and malicious acts, intended to outrage religious feelings or any class by insulting its religion or religious beliefs) और आईटी कानून के अन्तर्गत गिरफ़्तार कर लिया गया है, और Cyber Cell इस की आगे जांच कर रही है .

पर उस वक़्त हिंदू विरोधी कांग्रेस कि सरकार थी तो सरकार ने कठोर क़दम उठाये होंगे ये उम्मीद करना बैइमानी है. पर अच्छी खबर ये सुनने मैं आयी थी कि कुछ लोगों ने इस का घर जला दिया था

जय श्री राम दोस्तों. 

दोस्तों कल से देख रहा हूं की एक क्रिचियन बंदा लख्मन जोनसन की एक तश्वीर जिस पर उस ने शिव लिंग के ऊपर पांव रक्खा हुआ है उसे हाल ही की तश्वीर कह खूब ज़ोरशोर से लोग शेयर कर रहे हैं और आज तो हद्द ही कर दी जब कुछ लोगों ने एक आसाम के लडके की तश्वीर (SFI activist) जो आसाम के मुख्यमन्त्री के सामने प्रदर्शन कर रहा है, उसे उठा लिया और ये कहने लगे कि 'ये जोनसन की तश्वीर है और क्युं की हम ने फ़ेसबूक पर ये मुद्दा ज़ोरशोर से उठाया इसलिये पोलिस ने इसे गिरफ़्तार भी कर लिया है' (http://photogallery.indiatimes.com/news/events/best-pictures-of-the-day-1st-november-2013/articleshow/25071263.cms)

चलिये दोस्तों अब आप को हम बताते हैं कि असल मैं मुद्दा क्या था... ये जोनसोन आंध्र प्रदेश के तिरुपती शहर से है और मुंबैइ मैं काम करता था. 

घटना जुलाई २०१२ की है, जब लख्मन जोन्सन नाम का ये लड्का, जो हिंदू धर्म से परिवर्तित हो कर क्रिस्चिअन हो चूका है, इस ने शिव लिंग पर पांव रख कर फोटो उठायी है और इसे फ़ेसबूक पर डाल दिया. ये लड्का अपने आप को "Son of jesus" कहता है, लेकिन हम हिंदू भाई लोग इस का ये कारनामा देख कर इसे कुत्ते का बच्चा कहते हैं. आप खुद ही बताइये कि अब कौन इशा मसीह का तुलना कुत्ते से कर रहा है? क्या अब कोई कह सकता है की हिंदुओं ने, इस "son of jesus" को कुत्ते का बच्चा कह कर कोई अपराध किया?

भारत मैं धर्म परिवर्तन कर के हिंदु से क्रिस्चीयन बनना एक हिंदूओं के प्रती एक नफ़रत की वीचार धारा को आगे बढाना है. और आप को धर्म परिवर्तन कर के क्रिस्चियन होने के लिये कोई अच्छे काम करने कि ज़रूरत नहीं और न ही कोई आप को अच्छे इंसान होने की ज़रूरत है न ही किसी खास योग्यता कि ज़रूरत है. ज़रूरत है तो सिर्फ़ हिंदुओं से नफ़रत करने की और मुर्ती पूजा के वीरोध करने की और हिंदू धार्मिक चिंहों को अपमानित करने की ..

जब २०१२ मैं सोसिअल मिडिया मैं ये मामला ज़ोरशोर से तुल पकडा और जगह जगह प्रदर्शन किये गये और बहूत से राज्यों मैं जोनसोन के खिलाफ़ मुक़दमा दायर किया गया. कुछ हिंदू संगठनो ने जुलाई २५-२०१२ SSP OFFICE तक मार्च निकाला और लिखित शिक़ायत दे कर जल्द से जल्द कारवायी करने की मांग की और कुछ दिनों के बाद क्राईम ब्रांच डेपुटी सुपरिटेन्डेंट ओफ़ पोलिस ने बताया की जोन्सोन को IPC धारा २९५ (क) (Deliberate and malicious acts, intended to outrage religious feelings or any class by insulting its religion or religious beliefs) और आईटी कानून के अन्तर्गत गिरफ़्तार कर लिया गया है, और Cyber Cell इस की आगे जांच कर रही है . 

पर उस वक़्त हिंदू विरोधी कांग्रेस कि सरकार थी तो सरकार ने कठोर क़दम उठाये होंगे ये उम्मीद करना बैइमानी है. पर अच्छी खबर ये सुनने मैं आयी थी कि कुछ लोगों ने इस का घर जला दिया था
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जगन्नाथ मंदिर


^ पुरी में जगन्नाथ मंदिर केे कुछ आश्चर्यजनक तथ्य:-

1. मन्दिर के ऊपर स्थापित ध्वज सदैव हवा के विपरीत दिशा में लहराता है।

2. पुरी में किसी भी स्थान से आप मन्दिर के ऊपर लगे सुदर्शन चक्र को देखेंगे तो वह आपको सदैव अपने सामने ही 

लगा दिखेगा।

3. सामान्य दिनों के समय हवा समुद्र से जमीन की तरफ आती है, और शाम के दौरान इसके विपरीत, लेकिन पुरी में

इसका उल्टा होता है ।

4. पक्षी या विमानों को मंदिर के ऊपर उड़ते हुए नहीं पायेगें।

5. मुख्य गुंबद की छाया दिन के किसी भी समय अदृश्य ही रहती है ।

6. मंदिर के अंदर पकाने के लिए भोजन की मात्रा पूरे वर्ष के लिए रहती है। प्रसाद की एक भी मात्रा कभी भी व्यर्थ

नहीं जाती, चाहे हजार लोगों से 20 लाख लोगों को खिला सकते हैं ।

7. मंदिर की रसोई में प्रसाद पकाने के लिए 7 बर्तन एक-दूसरे पर रखा जाता है और सब कुछ लकड़ी पर ही पकाया

जाता है । इस प्रक्रिया में शीर्ष बर्तन में सामग्री पहले पकती है फिर क्रमश: नीचे की तरफ एक के बाद एक पकती

जाती है।

8. मन्दिर के सिंहद्वार में पहला कदम प्रवेश करने पर ही (मंदिर के अंदर से) आप सागर द्वारा निर्मित किसी भी ध्वनि

नहीं सुन सकते, आप (मंदिर के बाहर से) एक ही कदम को पार करें जब आप इसे सुन सकते हैं, इसे शाम को स्पष्ट

रूप से अनुभव किया जा सकता है।

साथ में यह भी जाने:-
—————–

मन्दिर का रसोईघर दुनिया का सबसे बड़ा रसोईघर है।

प्रति दिन सांयकाल मन्दिर के ऊपर स्थापित ध्वज को मानव द्वारा उल्टा चढ़ कर बदला जाता है।

मन्दिर का क्षेत्रफल चार लाख वर्ग फिट में है।

मन्दिर की ऊंचाई 214 फिट है।

विशाल रसोई घर में भगवान जगन्नाथ को चढ़ाने वाले महाप्रसाद का निर्माण करने हेतु 500 रसोईये एवं उनके 300

सहायक-सहयोगी एक साथ काम करते है। सारा खाना मिट्टी के बर्तनो मे पकाया जाता है !

हमारे पूर्वज कितने बढे इंजीनियर रहें होंगे

अपनी भाषा अपनी संस्कृति अपनी सभ्यता पर गर्व करो
गर्व से कहो हम हिन्दुस्तानी है10313844_544147109029989_6786943699588054673_n