Posted in राजनीति भारत की - Rajniti Bharat ki

American agent


58 mins · 
बहुत जरूरी सूचना ! मित्रो एक बार जरूर पढ़ें !!
___________________
भारत की राजनीति का इतिहास देखें तो ये बात आपको बिलकुल स्पष्ट हो जाएगा की अमेरिका हमेशा World Bank,IMF मे काम कर चुके एजंटो को साजिश करके भारत सरकार मे प्रवेश करा देता है ! मनमोहन सिंह ,और चिदम्बरम का उदाहरण तो आपके सामने है 1991 मे अभी चुनाव का दौर चल रहा था की  फ्रांस के एक लोकल अखबार Le Monde मे एक खबर छपी ! खबर ये थी की किसी भी पार्टी की सरकार आये अगले वित मंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह होंगे 
(Dr. Manmohan Singh would be the next Finance Minister of India.) 

और अंत यही हुआ था मनमोहन सिंह ने वित मंत्री का पद संभाला और ऐसे ऐसे समझोते हुए की 1991 से लेकर आज 2014 मे भारत को कंगाल कर छोड़ा है आज भारत के अधकितर उद्द्योगों पर विदेशी कंपनियो का कब्जा हो चुका !  जो  डालर 1991 मे  18 रुपए का था वो आज 60 तक पहुँच गया है !!  महंगाई ने सब रिकर्ड तो तोड़ दिये है ! 1991 में अगर महज 83.8 अरब डॉलर विदेशी ऋण भारत पर था वो आज 390 अरब डालर को पार कर गया है आज भारत सरकार कर्जे जा ब्याज भरने के लिए कर्ज ले रही है ! राजीव भाई ने तो इस मनमोहन सिंह को  1998  मे दिये एक व्याख्यान मे ही अमरीकी एजेंट घोषित कर दिया था !!

http://goo.gl/Yc8R6m

आप एक नजर  डालिए भारत सरकार मुख्य पदो पर बैठे लोग  world Bank ,IMF मे काम करके आए होते है वो बेशक योजना आयोग के प्रमुख मोंटंक सिंह अलुवालिया हो ,दो बार वित मंत्री रहे चिदम्बरम हो या मनमोहन सिंह तीनों world Bank ( जो अमेरिका का पिट्टू है)  वहाँ से निकलकर आए हैं ! या यूं कहा जाए अमेरिका के एजेंट के रूप मे भारत सरकार मे भेजे गए थे !
ताकि वो अमेरिका के हित मे नीतियाँ बनाए !

ऐसी ही साजिश अमेरिका मोदी की सरकार मे करने जा रहा है और हो सकता है भाजपा मे बैठे कुछ अमरीकी एजेंट इस बात के पक्ष मे है ! जगदीश भगवती और अरविंद पानागरिया  नाम के
दो व्यक्ति जिनके पास अमरीकी नागरिकता है और पेशे से अमरीकी अर्थशास्त्री है जो World Bank IMF मे काम कर चुके हैं भारत को बर्बाद करने वाले WTO समझोते की समिति के बाहरी सलहकार रह चुके हैं अमेरिका इनको मोदी की सरकार मे किसी प्रमुख पद पर बैठना चाहता है ताकि मनमोहन सिंह ,चिदम्बरम ,मोंटेक सिंह आहलूवालिया की तरह भारत को लुटवाने के लिए नीतियाँ बनाए और अमेरिका को लाभ पहुंचाया जा सके !!

मित्रो अगर अमेरिका इस साजिश मे कामयाब हो गया तो समझिए देश की लूट वैसे ही जारी रहेगी जैसे मनमोहन सिंह के समय मे रही कांग्रेस और मोदी सरकार मे कोई अंतर नहीं रह जाएगा ! इस लिए इस पोस्ट को इतना share करे की भाजपा मे बैठे anti modi group के कानो मे ये खबर घुस जाए की जिन लोगो ने उनको वोट देकर जीताया है वो कोई भीड़ मात्र नहीं थे वो देश जागरूक लोग है जो भारत की मूल समस्याओ और इतिहास मे हुई गल्तियो को अच्छे से समझते हैं और ऐसी गल्तियो को दुबारा दोहराने नहीं देंगे !

क्या इतने बडे भारत में से कोई अर्थशाश्त्री नही मिला ?

जिस देश मे चाणक्य जैसे अर्थशास्त्री रहे हो आज उस देश को विदेशी मानसिकता के अर्थशास्त्रियों की जरूरत है ??  

सरकार की सलाहकार टीम में क्यों हर बार इन्डो-अमरिकी गद्दार घुस जाते हैं ?

 नेता क्या बुध्धिहिन है कि उन को सलाहकारों की जरूरत पडती है । जनता ने तो नेताओं को वोट दिया, सलाहकारों को नही । 

और क्या ये अनिवार्य है ?? की सलाहकार World Bank और IMF मे पढ़ कर निकले तो उनके पास ही ज्यादा दिमाग होता है ?? जबकि मनमोहन सिंह जैसे world bank से कम करके निकले अर्थशास्त्री का उदाहरण पूरा भारत देख चुका है ! और पता नही उसका परिणाम अगले कितने वर्षो तक भुगतता रहेगा !

तो फिर क्यों भारत इस गलती को दोबारा दोहराना चाहता है ???

______________
और तो और ये जगदीश भगवती मनमोहन सिंह के खास मित्र रह चुके है 1991 मे मनमोहन 
द्वारा किए economic reforms (आर्थिक सुधारो ??) पर इन्होने  Cambridge University मे बहुत चर्चा और तारीफ की !! 

reuters.com छपी खबर के अनुसार ये जगदीश भगवती मनमोहन सिंह की तरह ही विदेशी निवेश और open market ,आदि के समर्थक है ! अर्थात मनमोहन सिंह जिसे विकास की नीतियाँ बताते बताते भारत मे लागू करते गए ऐसी ही नीतियो के समर्थक ये लोग भी है !
और होयें भी क्यों नहीं ! अमेरिका के पीट्टू world bank और IMF मे काम करके जो निकले है !!

और याद रखे मित्रो इस बार भी अगर अमेरिका ने अपने एजेंट भारत सरकार मे बैठा दिये 
तो ये झूठे विकास की नीतियाँ अंत मे मनमोहन सिंह की विकास नीतियो की तरह भारत के विनाश नीतियाँ ही साबित होंगी !!

इस खबर की पुष्टि के लिए इस लिंक पर click करें !!

http://in.reuters.com/article/2014/04/25/uk-india-election-economist-idINKBN0DB0DX20140425

___________________________
और अंत याद रखे मित्रो ! देश बढ़ा होता है ,राष्ट्र बढ़ा होता है,पार्टियां आती है जाती है !,नेता आते है जाते है  कोई भी पार्टी या नेता राष्ट्र से बड़ा नहीं हो सकता !! आपने कांग्रेस को हटा भाजपा को इसलिए वोट दिया की वो राष्ट्रहित मे कार्य करे ! अगर उनका कोई कार्य राष्ट्रहित के विरुद्ध हो तो उसका विरोध भी करे यही आपका कर्तव्य है !! 

इस पोस्ट को इतना share करे कि भाजपा के शीर्ष नेताओ तक पहुँच जाए !! जो मोदी की सरकार मे इन अमरीकी एजंटो को घुसाना चाहते हैं !!

वन्देमातरम !

बहुत जरूरी सूचना ! मित्रो एक बार जरूर पढ़ें !!
___________________
भारत की राजनीति का इतिहास देखें तो ये बात आपको बिलकुल स्पष्ट हो जाएगा की अमेरिका हमेशा World Bank,IMF मे काम कर चुके एजंटो को साजिश करके भारत सरकार मे प्रवेश करा देता है ! मनमोहन सिंह ,और चिदम्बरम का उदाहरण तो आपके सामने है 1991 मे अभी चुनाव का दौर चल रहा था की फ्रांस के एक लोकल अखबार Le Monde मे एक खबर छपी ! खबर ये थी की किसी भी पार्टी की सरकार आये अगले वित मंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह होंगे
(Dr. Manmohan Singh would be the next Finance Minister of India.)

और अंत यही हुआ था मनमोहन सिंह ने वित मंत्री का पद संभाला और ऐसे ऐसे समझोते हुए की 1991 से लेकर आज 2014 मे भारत को कंगाल कर छोड़ा है आज भारत के अधकितर उद्द्योगों पर विदेशी कंपनियो का कब्जा हो चुका ! जो डालर 1991 मे 18 रुपए का था वो आज 60 तक पहुँच गया है !! महंगाई ने सब रिकर्ड तो तोड़ दिये है ! 1991 में अगर महज 83.8 अरब डॉलर विदेशी ऋण भारत पर था वो आज 390 अरब डालर को पार कर गया है आज भारत सरकार कर्जे जा ब्याज भरने के लिए कर्ज ले रही है ! राजीव भाई ने तो इस मनमोहन सिंह को 1998 मे दिये एक व्याख्यान मे ही अमरीकी एजेंट घोषित कर दिया था !!

http://goo.gl/Yc8R6m

आप एक नजर डालिए भारत सरकार मुख्य पदो पर बैठे लोग world Bank ,IMF मे काम करके आए होते है वो बेशक योजना आयोग के प्रमुख मोंटंक सिंह अलुवालिया हो ,दो बार वित मंत्री रहे चिदम्बरम हो या मनमोहन सिंह तीनों world Bank ( जो अमेरिका का पिट्टू है) वहाँ से निकलकर आए हैं ! या यूं कहा जाए अमेरिका के एजेंट के रूप मे भारत सरकार मे भेजे गए थे !
ताकि वो अमेरिका के हित मे नीतियाँ बनाए !

ऐसी ही साजिश अमेरिका मोदी की सरकार मे करने जा रहा है और हो सकता है भाजपा मे बैठे कुछ अमरीकी एजेंट इस बात के पक्ष मे है ! जगदीश भगवती और अरविंद पानागरिया नाम के
दो व्यक्ति जिनके पास अमरीकी नागरिकता है और पेशे से अमरीकी अर्थशास्त्री है जो World Bank IMF मे काम कर चुके हैं भारत को बर्बाद करने वाले WTO समझोते की समिति के बाहरी सलहकार रह चुके हैं अमेरिका इनको मोदी की सरकार मे किसी प्रमुख पद पर बैठना चाहता है ताकि मनमोहन सिंह ,चिदम्बरम ,मोंटेक सिंह आहलूवालिया की तरह भारत को लुटवाने के लिए नीतियाँ बनाए और अमेरिका को लाभ पहुंचाया जा सके !!

मित्रो अगर अमेरिका इस साजिश मे कामयाब हो गया तो समझिए देश की लूट वैसे ही जारी रहेगी जैसे मनमोहन सिंह के समय मे रही कांग्रेस और मोदी सरकार मे कोई अंतर नहीं रह जाएगा ! इस लिए इस पोस्ट को इतना share करे की भाजपा मे बैठे anti modi group के कानो मे ये खबर घुस जाए की जिन लोगो ने उनको वोट देकर जीताया है वो कोई भीड़ मात्र नहीं थे वो देश जागरूक लोग है जो भारत की मूल समस्याओ और इतिहास मे हुई गल्तियो को अच्छे से समझते हैं और ऐसी गल्तियो को दुबारा दोहराने नहीं देंगे !

क्या इतने बडे भारत में से कोई अर्थशाश्त्री नही मिला ?

जिस देश मे चाणक्य जैसे अर्थशास्त्री रहे हो आज उस देश को विदेशी मानसिकता के अर्थशास्त्रियों की जरूरत है ??

सरकार की सलाहकार टीम में क्यों हर बार इन्डो-अमरिकी गद्दार घुस जाते हैं ?

नेता क्या बुध्धिहिन है कि उन को सलाहकारों की जरूरत पडती है । जनता ने तो नेताओं को वोट दिया, सलाहकारों को नही ।

और क्या ये अनिवार्य है ?? की सलाहकार World Bank और IMF मे पढ़ कर निकले तो उनके पास ही ज्यादा दिमाग होता है ?? जबकि मनमोहन सिंह जैसे world bank से कम करके निकले अर्थशास्त्री का उदाहरण पूरा भारत देख चुका है ! और पता नही उसका परिणाम अगले कितने वर्षो तक भुगतता रहेगा !

तो फिर क्यों भारत इस गलती को दोबारा दोहराना चाहता है ???

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और तो और ये जगदीश भगवती मनमोहन सिंह के खास मित्र रह चुके है 1991 मे मनमोहन
द्वारा किए economic reforms (आर्थिक सुधारो ??) पर इन्होने Cambridge University मे बहुत चर्चा और तारीफ की !!

reuters.com छपी खबर के अनुसार ये जगदीश भगवती मनमोहन सिंह की तरह ही विदेशी निवेश और open market ,आदि के समर्थक है ! अर्थात मनमोहन सिंह जिसे विकास की नीतियाँ बताते बताते भारत मे लागू करते गए ऐसी ही नीतियो के समर्थक ये लोग भी है !
और होयें भी क्यों नहीं ! अमेरिका के पीट्टू world bank और IMF मे काम करके जो निकले है !!

और याद रखे मित्रो इस बार भी अगर अमेरिका ने अपने एजेंट भारत सरकार मे बैठा दिये
तो ये झूठे विकास की नीतियाँ अंत मे मनमोहन सिंह की विकास नीतियो की तरह भारत के विनाश नीतियाँ ही साबित होंगी !!

इस खबर की पुष्टि के लिए इस लिंक पर click करें !!

http://in.reuters.com/article/2014/04/25/uk-india-election-economist-idINKBN0DB0DX20140425

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और अंत याद रखे मित्रो ! देश बढ़ा होता है ,राष्ट्र बढ़ा होता है,पार्टियां आती है जाती है !,नेता आते है जाते है कोई भी पार्टी या नेता राष्ट्र से बड़ा नहीं हो सकता !! आपने कांग्रेस को हटा भाजपा को इसलिए वोट दिया की वो राष्ट्रहित मे कार्य करे ! अगर उनका कोई कार्य राष्ट्रहित के विरुद्ध हो तो उसका विरोध भी करे यही आपका कर्तव्य है !!

इस पोस्ट को इतना share करे कि भाजपा के शीर्ष नेताओ तक पहुँच जाए !! जो मोदी की सरकार मे इन अमरीकी एजंटो को घुसाना चाहते हैं !!

वन्देमातरम !

Posted in जीवन चरित्र

नरेन्द्र दामोदरदास मोदी


अपने प्रधानमंत्री के विषय में
सबको जानकारी होनी चाहिए …….
पूरा नाम :- नरेन्द्र दामोदरदास मोदी
जन्म :- 17 सितंबर, 1950
जन्म भूमि :- वड़नगर, मेहसाणा ज़िला, गुजरात
पद :- चौदहवें मुख्यमंत्री, गुजरात
कार्यकाल :- 7 अक्टूबर, 2001 से अब तक
विद्यालय :- गुजरात विश्वविद्यालय
शिक्षा :- एम.ए (राजनीति शास्त्र)
पुरस्कार उपाधि :- देश के सबसे श्रेष्ठ ई-
गवर्न्ड राज्य का ELITEX 2007 – पुरस्कार
भारत की केन्द्र सरकार की ओर से प्राप्त।
जीवन परिचय:-
नरेंद्र मोदी को अपने बाल्यकाल से कई तरह
की विषमताओं एवं विपरीत
परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है,
किन्तु अपने उदात्त चरित्रबल एवं साहस से
उन्होंने तमाम अवरोधों को अवसर में बदल
दिया, विशेषकर जब उन्होने उच्च शिक्षा हेतु
कॉलेज तथा विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया।
उन दिनों वे कठोर संद्यर्ष एवं दारुण मन:ताप
से घिरे थे, परन्तु् अपने जीवन- समर को उन्होंने
सदैव एक योद्धा-सिपाही की तरह लड़ा है।
आगे क़दम बढ़ाने के बाद वे कभी पीछे मुड़ कर
नहीं देखते, साथ-साथ पराजय उन्हें स्वीकार्य
नहीं है। अपने व्यक्तित्व की इन्हीं विशेषताओं
के चलते उन्होंने राजनीति शास्त्र विषय के
साथ अपनी एम.ए की पढ़ाई पूरी की।
राजनीतिक जीवन:-
1984 में देश के प्रसिद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक
संगठन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस) के
स्वयं सेवक के रूप में उन्होंने अपने जीवन
की शुरुआत की। यहीं उन्हें निस्वार्थता,
सामाजिक दायित्वबोध, समर्पण और
देशभक्ति के विचारों को आत्म सात करने
का अवसर मिला। अपने संघ कार्य के दौरान
नरेंद्र मोदी ने कई मौकों पर महत्त्वपूर्ण
भूमिकाएं निभाई हैं। फिर चाहे वह 1974 में
भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ चलाया गया आंदोलन
हो, या 19 महीने (जून 1975 से जनवरी 1977)
चला अत्यंत प्रताडि़त करने वाला ‘आपात
काल’हो।
भाजपा में प्रवेश:-
1987 में भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) में
प्रवेश कर उन्होंने राजनीति की मुख्यधारा में
क़दम रखा। सिर्फ़ एक साल के भीतर
ही उनको गुजरात इकाई के प्रदेश
महामंत्री (जनरल सेक्रेटरी) के रूप में पदोन्नत
कर दिया गया। तब तक उन्होंने एक अत्यंत
ही कार्यक्षम व्यवस्थापक के रूप में
प्रतिष्ठा हासिल कर ली थी।
पार्टी को संगठित कर उसमें नई
शक्ति का संचार करने का चुनौतीपूर्ण काम
भी उन्होंने स्वीकार कर लिया। इस दौरान
पार्टी को राजनीतिक गति प्राप्त
होती गई और अप्रैल, 1990 में केन्द्र में
साझा सरकार का गठन हुआ। हालांकि यह
गठबंधन कुछ ही महीनो तक चला, लेकिन 1995
में भाजपा अपने ही बलबूते पर गुजरात में
दो तिहाई बहुमत हासिल कर सत्ता में आई।
व्यक्तित्व नरेन्द्र मोदी:-
नरेन्द्र मोदी की छवि एक कठोर प्रशासक
और कड़े अनुशासन के
आग्रही की मानी जाती है, लेकिन साथ
ही अपने भीतर वे मृदुता एवं सामर्थ्य
की अपार क्षमता भी संजोये हुए हैं। नरेन्द्र
मोदी को शिक्षा-व्यवस्थामें पूरा विश्वास
है। एक ऐसी शिक्षा-व्यवस्थाजो मनुष्य के
आंतरिक विकास और उन्नति का माध्यम बने
एवं समाज को अँधेरे, मायूसी और ग़रीबी के
विषचक्र से मुक्ति दिलाये। विज्ञान और
प्रौद्योगिकी में नरेन्द्र
मोदी की गहरी दिलचस्पी है। उन्होंने
गुजरात को ई-गवर्न्ड राज्य बना दिया है और
प्रौद्योगिकी के कई नवोन्मेषी प्रयोग
सुनिश्चित किये हैं। ‘स्वागत ऑनलाइन’ और
‘टेलि फरियाद’ जैसे नवीनतम प्रयासों से ई-
पारदर्शिता आई है, जिसमें आम नागरिक
सीधा प्रशासन के उच्चतम कार्यालय
का संपर्क कर सकता है। जनशक्ति में अखण्ड
विश्वास रखने वाले नरेन्द्र मोदी ने
बखूबी क़रीब पाँच लाख
कर्मचारियों की मज़बूत टीम की रचना की है।
नरेन्द्र मोदी यथार्थवादी होने के साथ
ही आदर्शवादी भी हैं। उनमें आशावाद कूटकूट
कर भरा है। उनकी हमेशा एक उदात्त
धारणा रही है कि असफलता नहीं,
बल्कि उदेश्य का अनुदात्त होना अपराध है।
वे मानते हैं कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में
सफलता के लिए स्पष्ट दृष्टि, उद्देश्य
या लक्ष्य का परिज्ञान और कठोर अध्यवसाय
अत्यंत ही आवश्यक गुण हैं।
पुरस्कार:-
मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यकाल के
दौरान राज्य के पृथक-पृथक क्षेत्रों में 60 से
अधिक पुरस्कार प्राप्त किये हैं। उनमें से कुछ
का उल्लेख नीचे किया जा रहा है-
16-10-2003 आपदा प्रबंधन और ख़तरा टालने
की दिशा में संयुक्त राष्ट्र की ओर से
सासाकावा पुरस्कार।
अक्टूबर-2004 प्रबंधन में नवीनता लाने के
लिए ‘कॉमनवेल्थ एसोसिएशन्स’ की ओर से
CAPAM गोल्ड पुरस्कार।
27-11-2004 ‘इन्डिया इन्टरनेशनल ट्रेड
फेयर-2004 में इन्डिया ट्रेड प्रमोशन
ऑर्गेनाइज़ेशन फॉर गुजरात्स एक्सेलन्स’ की ओर
से ‘स्पेशल कमेन्डेशन गोल्ड मेडल’ दिया गया।
24-02-2005 भारत सरकार की ओर से गुजरात
के राजकोट ज़िले में सेनिटेशन सुविधाओं के लिए
‘निर्मल ग्राम’ पुरस्कार दिया गया।
25-04-2005 भारत सरकार के सूचना और
तकनीकी मंत्रालय और विज्ञान-
तकनीकी मंत्रालय द्वारा ‘भास्कराचार्य
इन्स्टिट्यूट ऑफ स्पेस एप्लिकेशन’ और ‘जिओ-
इन्फर्मेटिक्स’ गुजरात सरकार
को “PRAGATI” के लिए ‘एलिटेक्स’ पुरस्कार
दिया गया।
21-05-2005 राजीव गांधी फाउन्डेशन नई
दिल्ली की ओर से आयोजित सर्वेक्षण में देश के
सभी राज्यों में गुजरात को श्रेष्ठ राज्य
का पुरस्कार मिला।
01-06-2005 भूकंप के दौरान क्षतिग्रस्त हुए
गुरुद्वारा के पुनःस्थापन के लिए
यूनेस्को द्वारा ‘एशिया पेसिफिक हेरिटेज’
अवार्ड दिया गया।
05-08-2005 ‘इन्डिया टुडे’ द्वारा श्रेष्ठ
निवेश पर्यावरण पुरस्कार दिया गया।
05-08-2005 ‘इन्डिया टुडे’ द्वारा सर्वाधिक
आर्थिक स्वातंत्र्य पुरस्कार दिया गया।
27-11-2005 नई दिल्ली में आयोजित
अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में गुजरात
पेविलियन को प्रथम पुरस्कार मिला।
14-10-2005 गुजराती साप्ताहिक
चित्रलेखा के पाठकों ने श्री नरेन्द्र
मोदी को ‘पर्सन ओफ द इयर’ चुना। इस में
टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा दूसरे क्रम पर
और सुपरस्टार अमिताभ बच्चन तीसरे स्थान
पर रहे। ये पुरस्कार दिनांक 18-05-2006
को दिये गये।
12-11-2005 इन्डिया टेक फाउन्डेशन की ओर से
ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और नवीनता के लिए
इन्डिया टेक्नोलोजी एक्सेलन्स अवार्ड
दिया गया।
30-01-2006 इन्डिया टुडे द्वारा देश
व्यापी स्तर पर कराये गये सर्वेक्षण में
श्री नरेन्द्र मोदी देश के सर्वश्रेष्ठ
मुख्यमंत्री चुने गये।
23-03-2006 सेनिटेशन सुविधाओं के लिए केन्द्र
सरकार द्वारा गुजरात के कुछ
गाँवों को निर्मल ग्राम पुरस्कार दिये गये।
31-07-2006 बीस सूत्रीय कार्यक्रम के
अमलीकरण में गुजरात एक बार फिर प्रथम
स्थान पर रहा।
02-08-2006 सर्व शिक्षा अभियान में गुजरात
देश के 35 राज्यों (28+7) में सबसे प्रथम
क्रमांक पर रहा।
12-09-2006 अहल्याबाई नेशनल अवार्ड
फंक्शन, इन्दौर की ओर से पुरस्कार।
30-10-2006 चिरंजीवी योजना के लिए ‘वोल
स्ट्रीट जर्नल’ और 30-10-2006
चिरंजीवी योजना के लिए ‘वोल स्ट्रीट
जर्नल’ और ‘फाइनान्सियल एक्सप्रेस’ की ओर से
(प्रसूति समय जच्चा-बच्चा मृत्यु दर कम करने
ले लिए) सिंगापुर में ‘एशियन इन्नोवेशन
अवार्ड’ दिया गया
04-11-2006 भू-रिकार्ड्स के कम्प्यूटराइजेशन
के लिए चल रही ई-धरा योजना के लिए ई-
गवर्नन्स पुरस्कार।
10-01-2007 देश के सबसे श्रेष्ठ ई-गवर्न्ड
राज्य का ELITEX 2007- पुरस्कार भारत
की केन्द्र सरकार की ओर से प्राप्त।
05-02-2007 इन्डिया टुडे-ओआरजी मार्ग के
देशव्यापी सर्वेक्षण में तीसरी बार श्रेष्ट
मुख्यमंत्री चुने गये। पाँच साल के कार्यकाल में
किसी भी मुख्यमंत्री के लिए यह
अनोखी सिद्धि थी।
आग की तरहा फैला दो इस खबर को
शेयर शेयर नरेंद्र मोदी जी के फैन्स फैलादो इस
न्यूज़ को आग की तरहा सिर्फ दो सेकंड देकर।
मोदीजी ने कहा है की वे यदि सत्ता में आते है
तो इनकम टैक्स, सेल्स टैक्स, एक्साइज
ड्यूटी आदि को ख़त्म कर देंगे। और बैंक
ट्रांजेकशन पर 1 से 1.5% ट्रांजेकशन
लगाया जायेगा।अब आप सोचेंगे की इस तरह
टैक्स ख़त्म कर देने से देश कैसे चलेगा।इन
टैक्सो से हमारे देश को 14 लाख करोड़
की आमदनी होती है जिससे देश का बजट
बनता है।
इसके बदले बैंक ट्रांजेकशन पर 1से 1.5%
चार्जेज लगाया जायेगा जिससे देश को 40लाख
करोड़ की आमदनी होगी जो की मोजूदा बजट
से
लगभग 3गुना है। जो आगे बढकर 60 लाख करोड़
हो जाएगी।
अब आप सोचे जब इनकम टैक्स,सेल्स
टैक्स,एक्साइज ड्यूटी,नही होगी तो आप
ही सोचिये
आपको टेक्सो की चिंता नही होगी।
आपको बिल बुक्स आदि नही रखना पड़ेगा।
सारा काम 1 नम्बर में होगा सारी इनकम
व्हाइट में
होगी। बुक्स आपको रखने की झंझट
नहीं रहेगी।
सारी काली कमाई सफ़ेद हो जाएगी। और आप
भी निश्चिंत हो जायेंगे।
इसके साथ ही मोदीजी ने ये भी कहा है
की 1000/-
500/-के नोट भी बंद किये जायेंगे और
इलेक्ट्रोनिक करेंसी को तरजीह
दी जाएगी ताकि अधिकतम कार्य बैंक के
द्वारा किये जाये।
इन विभागों के
कर्मचारियों को इंडिया इन्फ्रा डेवलपमेंट के
तहत
देश में बुनियादी सुविधाओ का विकास करेंगे।
यदि मोदीजी सत्ता में आते है तो आप
ही सोचिये
देश का चोतरफा विकास होगा। भारत
को विश्व
बैंक से लोन लेने की आवश्यकता नही होगी।
भारत
फिर विश्व गुरु बनेगा।
यदि आप भी मोदीजी के इस नज़रिए से सहमत
है
तो आप भी इस मोदीजी के नज़रिए को हर उस
नागरिक तक पहुचाये जो देशभक्त है।
आप यदि सहमत है तो आप भी मोदीजी के
सप्पोर्ट
में आये मोदीजी को वोट दे। लोकसभा में 400+
से अधिक सीट पाने के लिए सहयोग दे…..
शेयर जरुर करे मित्रो
जय हिन्द
नमो नमो……
Posted in आयुर्वेद - Ayurveda

How to take Bath – Vaidik programme


Sitting cross-legged position while bathing will destroy the black covering (Avaran) & accumulates the Divine consciousness (Chaitanya) in the body

While sitting cross-legged on a stool, the body takes a spherical shape. Bathing further activates the consciousness awakened in the body, due to the application of oil and fragrant herbal paste. Due to the cross-legged sitting posture, this consciousness circulates within the body and the ill effects of Raja-Tama frequencies on the body are controlled.

The effect of bathing, while sitting on a stool :

1. Releasing a stream of water on the Brahmarandhra causes the frequencies of Divine consciousness (Chaitanya) to circulate in the body. Energy frequencies are created in the Brahmarandhra.

2. Spirals of Energy and Divine consciousness (Chaitanya) are emitted from the Anahat chakra.

3. Particles of Divine consciousness (Chaitanya) are created in the body.

4. The cross-legged posture results in the accumulation of frequencies of Divine consciousness (Chaitanya).

5. Divine consciousness created in the body destroys the black covering on it.

This makes it clear that, bathing with standing position causes the vibrations, generated in the body through the Absolute Water Principle (Apa-tattva), to flow out through the feet. Whereas, bathing while sitting cross-legged preserves these vibrations within the body. As against this, bathing while standing directs the flow of consciousness in the body, from the feet towards the earth and the person is not able to get the desired benefit.

While showering in standing position, as the water flows from the body, the dirt on it too comes onto the ground. This impure water awakens the centres of black energy in the ground. A fountain of black energy springs up from the ground and once again, makes our body impure with Raja-Tama.

अत्‍यन्‍तमलिन: कायो नवच्‍छिद्रसमन्‍वित: ।
स्त्रवत्‍येष दिवारात्रौ प्रात: स्‍नानं विशोधनम्‌ ।। – दक्षस्‍मृति अ. २.७

To read further on this and related topics, please go to link…
http://www.hindujagruti.org/hinduism/knowledge/article/why-should-one-bath-while-sitting-in-cross-legged-position.html

‪#‎Hinduism‬ ‪#‎Spirituality‬ ‪#‎Sanatan‬ ‪#‎AcharDharma‬ ‪#‎Chaitanya‬

Sitting cross-legged position while bathing will destroy the black covering (Avaran) & accumulates the Divine consciousness (Chaitanya) in the body

While sitting cross-legged on a stool, the body takes a spherical shape. Bathing further activates the consciousness awakened in the body, due to the application of oil and fragrant herbal paste. Due to the cross-legged sitting posture, this consciousness circulates within the body and the ill effects of Raja-Tama frequencies on the body are controlled.

The effect of bathing, while sitting on a stool :

1. Releasing a stream of water on the Brahmarandhra causes the frequencies of Divine consciousness (Chaitanya) to circulate in the body. Energy frequencies are created in the Brahmarandhra.

2. Spirals of Energy and Divine consciousness (Chaitanya) are emitted from the Anahat chakra.

3. Particles of Divine consciousness (Chaitanya) are created in the body.

4. The cross-legged posture results in the accumulation of frequencies of Divine consciousness (Chaitanya).

5. Divine consciousness created in the body destroys the black covering on it.

This makes it clear that, bathing with standing position causes the vibrations, generated in the body through the Absolute Water Principle (Apa-tattva), to flow out through the feet. Whereas, bathing while sitting cross-legged preserves these vibrations within the body. As against this, bathing while standing directs the flow of consciousness in the body, from the feet towards the earth and the person is not able to get the desired benefit.

While showering in standing position, as the water flows from the body, the dirt on it too comes onto the ground. This impure water awakens the centres of black energy in the ground. A fountain of black energy springs up from the ground and once again, makes our body impure with Raja-Tama.

अत्‍यन्‍तमलिन: कायो नवच्‍छिद्रसमन्‍वित: ।
स्त्रवत्‍येष दिवारात्रौ प्रात: स्‍नानं विशोधनम्‌ ।। - दक्षस्‍मृति अ. २.७

To read further on this and related topics, please go to link…
http://www.hindujagruti.org/hinduism/knowledge/article/why-should-one-bath-while-sitting-in-cross-legged-position.html

#Hinduism #Spirituality #Sanatan #AcharDharma #Chaitanya
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